उदयपुर, विश्व आदिवासी दिवस एवं अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर उदयपुर देहात एवं शहर जिला कांग्रेस कमेटियों द्वारा संयुक्त रूप से विशाल कार्यक्रम आयोजित कर मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग उठाई गई। कार्यक्रम के बाद जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उदयपुर देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि राजस्थान सरकार की मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करवाने की गंभीर मंशा दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि वर्ष 1913 में मानगढ़ धाम पर 1500 से अधिक आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी अंग्रेजों की गोलियों से शहीद हुए थे और यह स्थल राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के आदिवासी समाज की साझा ऐतिहासिक विरासत है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 में बांसवाड़ा दौरे के दौरान संबंधित राज्य सरकारों से मानगढ़ धाम को विकसित कर राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा था, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। रघुवीर सिंह मीणा ने राज्य सरकारों के रवैये को आदिवासी समाज की भावनाओं की उपेक्षा बताया।
कार्यक्रम संयोजक एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी ताराचंद मीणा ने कहा कि कांग्रेस मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित कराने के लिए संघर्ष करेगी। उन्होंने बताया कि लोकसभा में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल और उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि केंद्र सरकार के पास फिलहाल मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की कोई योजना नहीं है तथा संबंधित राज्यों से कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है।
ताराचंद मीणा ने कहा कि इस जवाब से आदिवासी समाज में भारी निराशा, रोष और असंतोष है तथा यह आदिवासी समुदाय की आस्था और बलिदान की अनदेखी है। उन्होंने भाजपा पर आदिवासी समाज को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी।
उदयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने भी मानगढ़ धाम में शहीद हुए आदिवासी वीरों को श्रद्धांजलि देते हुए राज्य और केंद्र सरकार से इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग की।
कार्यक्रम में लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। अंत में कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति से मानगढ़ धाम को शीघ्र राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का अनुरोध किया।
कार्यक्रम में रघुवीर सिंह मीणा, फतह सिंह राठौड़, ताराचंद मीणा, हीरालाल दरांगी, लाल सिंह झाला, डॉ. मांगीलाल गरासिया, त्रिलोक पूर्बिया, जगदीश राज श्रीमाली, पंकज शर्मा, दरियाव सिंह चुंडावत, लक्ष्मी नारायण पंड्या, डॉ. मान सिंह निनामा, सुनील भजात, बंसीलाल मीणा, अर्जुन मेनारिया, डॉ. कल्याण सिंह राव, अजय सिंह, राम सिंह चदाणा, रायसा राम खेर, रूपलाल मीणा, डॉ. कौशल नागदा, डॉ. संजीव राजपुरोहित, तीरथ सिंह खेरलिया, कमलेश पटेल, मोहब्बत सिंह राठौड़, मोतीलाल सुथार, ओमप्रकाश गमेती, रतनलाल पूर्बिया, गोपाल सरपटा, दिनेश औदिच्य, गजेंद्र कोठारी, महेश त्रिपाठी, लक्ष्मीलाल सोनी, मोहनलाल मीणा, रोशन गौड़, सुरेश सोलंकी, संदीप मीणा, शिवशंकर मेनारिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।