उदयपुर। कृष्णा सेवा संस्थान के तत्वावधान में उदयपुर की धरती पर पहली बार श्रीमद् श्याम महापुराण कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह कथा 9 अगस्त से 13 अगस्त तक टेकरी मंदिर परिसर में आयोजित होगी। आयोजन को लेकर संस्था के कार्यकर्ताओं, मंदिर समिति एवं शहरवासियों में उत्साह का माहौल है।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं को खाटू श्याम जी की महिमा, उनके तीन बाणों, तपस्या, विभिन्न तीर्थों तथा भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंगों का संगीतमय एवं विस्तृत वर्णन सुनने को मिलेगा। वक्ता ने कहा कि बाबा श्याम की कथा का किसी के द्वार तक पहुंचना अनेक जन्मों के पुण्य और भाग्योदय का परिणाम माना जाता है।
उन्होंने कहा कि बाबा श्याम को तीन बाणधारी के रूप में विशेष रूप से पूजा जाता है। कथा में यह भी बताया जाएगा कि इन तीन बाणों से जुड़े विभिन्न धार्मिक प्रसंग क्या हैं और बाबा श्याम की आराधना का महत्व क्या है। महिसागर संगम तीर्थ और मां कामाख्या से जुड़े प्रसंगों का भी कथा में विशेष उल्लेख किया जाएगा।
कथा के शुभारंभ अवसर पर कलश यात्रा 10 बजे टेकरी मंदिर से प्रारंभ होगी। आयोजकों ने समस्त उदयपुरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कलश यात्रा में शामिल होने और कथा का लाभ लेने का आह्वान किया है।
वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक आयोजन में तन, मन और धन से किसी भी रूप में की गई सेवा का अपना विशेष महत्व है। इसी क्रम में अन्नदान को महादान बताते हुए भोजन व्यवस्था में सहयोग करने वाले सेवाभावी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया। अन्नदान सेवा से जुड़े कालूराम जी को जन्मदिन पर मंगलमय शुभकामनाएं भी दी गईं।
आयोजकों ने कहा कि मेवाड़ की धरती और महाराणा प्रताप की नगरी उदयपुर में श्रीमद् श्याम महापुराण की कथा होना श्रद्धालुओं के लिए सौभाग्य का अवसर है। उन्होंने सभी शहरवासियों से पांच दिवसीय कथा में शामिल होकर बाबा श्याम का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की।
इस अवसर पर कृष्णा सेवा संस्थान के कार्यकर्ताओं, मंदिर समिति, पुजारियों, पंडितों, अतिथियों एवं समस्त उदयपुरवासियों का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने “खाटू नरेश की जय”, “हारे के सहारे बाबा श्याम हमारे” और “हर हर महादेव” के जयघोष लगाए।
आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि बाबा श्याम की कृपा से सभी श्रद्धालुओं के मनोरथ पूर्ण हों और उदयपुर की धरती पर यह धार्मिक आयोजन मंगलमय रूप से संपन्न हो।