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यूजीसी रोलबैक को लेकर निर्णायक संघर्ष का आह्वान, क्षत्रिय करणी सेना की ओर से 23 अगस्त को नई दिल्ली में सर्वण आक्रोश महापंचायत

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07 Aug 26
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यूजीसी रोलबैक को लेकर निर्णायक संघर्ष का आह्वान, क्षत्रिय करणी सेना की ओर से 23 अगस्त को नई दिल्ली में सर्वण आक्रोश महापंचायत

-आगामी चुनाव को लेकर अखंड करणी सेना का भी गठन, चुनाव में भाग लेंगे उदयपुर।

क्षत्रिय करणी सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने यूजीसी रोलबैक को लेकर निर्णायक संघर्ष का आह्वान किया है और चेतावनी दी है कि 23 अगस्त को नई दिल्ली के शाह ऑडिटोरियम में में होने वाली सर्वण आक्रोश महापंचायत में देश भर से लाखों लोग एकत्र होंगे जो फैसला होने पर ही वहां से हटेंगे।

उन्होंने कहा कि सवर्णों की लडाई लडने के लिए अखंड क्षत्रिय सेना का भी गठन कर लिया है जो आगामी चुनावों में भी पूरी मजबूती के साथ उतरेगी।

श्री शेखावत ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में बताया कि वे यूजीसी रोलबैक को लेकर जनजागरण एवं आमंत्रण यात्रा पर है।

5 अगस्त को भगवान एकलिंगजी के दर्शन पश्चात यह यात्रा राजसमंद, भीलवाडा, चित्तौडगढ, प्रतापगढ, सलूंबर, बांसवाडा व डूंगरपुर के बाद 7 अगस्त को सुबह उदयपुर पहुंची।

उदयपुर में घाटा वाली माताजी मंदिर परिसर में कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया गया और आगामी संघर्ष की रुपरेखा तय की गई। उन्होंने बताया कि 23 अगस्त को सर्वण आक्रोश महापंचायत नई दिल्ली के शाह ऑडिटोरियम में होगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि सारे राजनीतिक दलों ने सवर्णों से वोट तो ले लिया और जब सरकारें बन गई तो इसी सर्वण समाज को कुचलने का काम किया जा रहा है।

केंद्र की भाजपा सरकार ने बिना सोचे समझे यूजीसी लागू कर दिया, जिसमें इतनी बडी विसंगतियां है कि आने वाले समय में संवर्ण व दलित समाज एक दूसरे के विरोधी हो जाएंगे।

अगर देश में समानता का भाव लाना है तो यूजीसी जैसे काले कानून को सरकार को वापस लेना होगा।

श्री राज शेखावत ने कहा कि समस्त सवर्ण समाज द्वारा यूजीसी रेगुलेशन एक्ट-2026 की विसंगतियों एवं यूजीसी रोलबैक को लेकर राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान प्रारंभ किया गया है।

इसी क्रम में 15,000 किलोमीटर की जनजागरण वाहन यात्रा राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तरप्रदेश एवं दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों के कई जिलों से होकर देश भर में जनसंपर्क करेगी तथा 23 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली यूजीसी रोलबैंक सवर्ण आक्रोश महापंचायत में पहुंचकर संपन्न होगी।

इस यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षाविदों तथा सामान्य वर्ग के नागरिकों तक यूजीसी रेगुलेशन-2026 की विसंगतियों से संबंधित मुद्दों एवं जनभावनाओं को पहुंचाना है।

यात्रा के दौरान प्रत्येक जिले में पंचायत व सम्मेलन, जनसंवाद, प्रेस वार्ता एवं सामाजिक संगठनों से संवाद आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, शिक्षाविदों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों को 23 अगस्त को लाखों की संख्या में दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया।

सवर्ण नेताओं का बहिष्कार होगा डॉ शेखावत ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन-2026 को लेकर जो सर्वण नेता विरोध नहीं करेगा और आंदोलन में साथ नहीं देगा उन सभी का आगामी चुनावों में खुलकर बहिष्कार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो नेता हमारा नहीं है वो किसी काम का नहीं है।

अखंड करणी सेना का गठन डॉ शेखावत ने का कहा कि हमने चुनाव में विकल्प देने के लिए अखंड करणी पार्टी का भी गठन कर लिया है और अब आगामी चुनाव में हम अपनी ताकत भी दिखाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि लोग हमसे कहते हैं कि सारे राजनीतिक दल एक जैसे हैं, हमारी पास विकल्प नहीं है तो हमने विकल्प भी राजनीतिक दल के रुप में खडा कर दिया है।

कॉकरोच पार्टी का आंदोलन सही, दिशा गलत डॉ राज शेखावत ने कहा कि जंतर मंतर पर आंदोलन करने वाले युवाओं के संगठन कॉकरोच पार्टी ने सही मुद्दे पर अपनी बात रखी, लेकिन उनका आंदोलन दिशा भ्रमित हो गया।

शुरु में हम भी आंदोलन को समर्थन देने की सोच रहे थे, लेकि देश विरोधी कृत्य देखकर हमने समर्थन नहीं किया और न आगे करेंगे। उन्होंने कहा कि कॉकरोच पार्टी में कुछ लोग देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त है।

आंदोलन के दौरा हिन्दू देवी देवताओं को अपशब्द बोले गए जो हमें स्वीकार नहीं है। इस तरह के लोग करणी सेना के सामने आ गए तो उनको हम छोडने वाले भी नहीं है।

शिक्षा व्यवस्था में समानता, निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय की मांग इस मौके पर करणी सेना देहात जिलाध्यक्ष कुं. ओनार सिंह बिछावेड़ा ने कहा कि हम यूजीसी और उच्च शिक्षा व्यवस्था में समानता, निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय की मांग कर रहे हैं।

हम किसी वर्ग के अधिकार छीनने के विरोध में नहीं हैं। हम ऐसी व्यवस्था चाहते हैं जिसमें किसी के अधिकार सुरक्षित करते समय किसी निर्दाेष के अधिकार असुरक्षित न हों।

आज उच्च शिक्षा और यूजीसी से जुड़े विषयों पर देश में व्यापक चर्चा हो रही है। हमारा पक्ष किसी समाज, जाति या वर्ग के विरुद्ध नहीं है।

हमारा स्पष्ट मत है कि जहां किसी विद्यार्थी को भेदभाव या अन्याय से सुरक्षा की आवश्यकता है, वहां संरक्षण अवश्य मिले; लेकिन उसी व्यवस्था में हर विद्यार्थी के मौलिक अधिकार, सम्मान और भविष्य की भी सुरक्षा होनी चाहिए।

कार्यकर्ता सम्मेलन में रहे कई पदाधिकारी घाटा वाली माताजी परिसर में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में संभाग अध्यक्ष अनोप सिंह मूणवास, शहर जिला अध्यक्ष केसर सिंह देवड़ा, जिला अध्यक्ष उदयपुर देहात कुंवर ओनार सिंह बिछावेड़ा, राजसमंद जिला अध्यक्ष जितेंद्र सिंह डुलावत, जिला महामंत्री उदयपुर देहात जसवंत नाथ चौहान, शहर जिला महामंत्री लक्ष्मण सिंह सुलावास, शहर जिला उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह मोजावत, उपाध्यक्ष मावली ब्लॉक उदयपुर देहात प्रेम सिंह चुंडावत, देवड़ा नोबेल सोसायटी अध्यक्ष शिवदान सिंह कोटडा, घाटा वाला माताजी समिति अध्यक्ष एवं पूर्व सरपंच किशोर सिंह देवड़ा, मावली तहसील अध्यक्ष लहर सिंह राणावत, गिर्वा तहसील अध्यक्ष गजेंद्र सिंह कितावत, वल्लभनगर तहसील अध्यक्ष शक्ति सिंह राणावत, समाजसेवी रघुनाथ सिंह देवड़ा तथा नारी शक्ति के रूप में महिला जिला अध्यक्ष श्रीमति कृष्णा कुंवर, श्याम कुंवर, मनीषा, मावली तहसील उपाध्यक्ष प्रेम सिंह कीतावत, गिर्वा तहसील महामंत्री गमेर सिंह देवड़ा, घासा तहसील अध्यक्ष नारायण सिंह पंवार, नरेंद्र सिंह माण्डक, निर्भय सिंह घासा, मनोहर सिंह जसपुरा, मोहब्बत सिंह आसावरा, शंभू सिंह आसावरा, लक्ष्मण सिंह धीरातलाई, मनोहर सिंह, मेग सिंह बिछावेड़ा सहित बडी संख्या में कार्यकर्ता आदि भी उपस्थित रहे।

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