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हरित क्रांति और पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत: प्रो. कैलाश डागा

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06 Aug 26
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हरित क्रांति और पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत: प्रो. कैलाश डागा

उदयपुर, राजस्थान सरकार के महत्वाकांक्षी 'हरयाळो राजस्थान' अभियान को जनभागीदारी से सफल बनाने की दिशा में गुरुवार को मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय परिसर में कंस्यूमर प्रोटेक्शन ऑर्गेनाइजेशन एवं विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पीपल, नीम, अशोक एवं आंवला सहित 30 पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का आयोजन कंस्यूमर प्रोटेक्शन ऑर्गेनाइजेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा डॉ. राजश्री गांधी एवं विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. कैलाश डागा के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. कैलाश डागा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के लगातार हो रहे दोहन के दौर में हरित क्रांति एवं पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुके हैं।

यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।

राष्ट्रीय अध्यक्षा डॉ. राजश्री गांधी ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण का आधार नहीं, बल्कि मानव जीवन की सबसे बड़ी जीवनरेखा हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में नियमित रूप से वृक्षारोपण करना चाहिए तथा लगाए गए पौधों की देखभाल को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।

वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान पीपल, नीम, अशोक एवं आंवला सहित कई पौधे लगाए गए एवं "हरित क्रांति पोस्टर" का भी विमोचन किया गया । सभी उपस्थितजनों ने पौधों के संरक्षण, नियमित देखभाल तथा विश्वविद्यालय परिसर को हरित एवं स्वच्छ बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय समन्वयक शिरीष नाथ माथुर, जिला अध्यक्ष प्रवीण नाहर, आर्ट्स कॉलेज के डीन डॉ. नवीन नंदवाना, डॉ. डॉली मोगरा, डॉ. पी.एस. राजपूत, प्रेमलता मेहता, राजेंद्र पालीवाल,भूपेश खेमेसरा सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

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