उदयपुर, विश्व आदिवासी दिवस और अगस्त क्रांति की पूर्व संध्या पर कांग्रेस ने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित नहीं किए जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। होटल आरटीडीसी कजरी में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व सांसद रघुवीर सिंह मीणा और कांग्रेस नेता एवं पूर्व जिला कलेक्टर तारा चंद मीणा ने कहा कि केंद्र सरकार आदिवासी समाज के इतिहास, बलिदान और स्वाभिमान की अनदेखी कर रही है।
रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि मानगढ़ धाम केवल एक धार्मिक या ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि हजारों आदिवासियों के बलिदान की धरती है। इसे राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं देना आदिवासी अस्मिता के साथ अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार तकनीकी प्रावधानों का हवाला देकर आदिवासी इतिहास को दबाने की कोशिश कर रही है।
तारा चंद मीणा ने कहा कि 17 नवंबर 1913 को गोविंद गुरु के नेतृत्व में एकत्रित आदिवासियों पर अंग्रेजी सेना ने गोलियां बरसाईं और बड़ी संख्या में लोग शहीद हुए। उन्होंने कहा, “जब देश जलियांवाला बाग को राष्ट्रीय स्मृति के रूप में सम्मान देता है, तो मानगढ़ धाम को वही सम्मान देने से आखिर केंद्र सरकार क्यों पीछे हट रही है?”
कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के उस जवाब को लेकर भी सवाल उठाए, जिसमें मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित नहीं किए जाने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण और तत्कालीन राजस्थान सरकार की सिफारिश के बावजूद निर्णय नहीं होना केंद्र की राजनीतिक मंशा पर सवाल खड़े करता है।
इस दौरान कांग्रेस ने 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस और अगस्त क्रांति से जुड़े कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की घोषणा की। रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों, संस्कृति और योगदान को लेकर कांग्रेस गांव-गांव तक जागरूकता अभियान चलाएगी।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश महासचिव एवं प्रवक्ता पंकज कुमार शर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे।