उदयपुर। चिकित्सा जगत में दक्षिणी राजस्थान के लिए गर्व का क्षण सामने आया है। गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने बच्चों के हृदय उपचार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए मात्र 8 महीने के शिशु में पाए गए अत्यंत दुर्लभ जन्मजात हृदय दोष ‘ऑर्टो-पल्मोनरी (AP) विंडो’ का ट्रांसकैथेटर डिवाइस क्लोजर सफलतापूर्वक कर नया इतिहास रच दिया।
यह जटिल और अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रमेश पटेल एवं उनकी समर्पित कार्डियोलॉजी टीम ने अत्याधुनिक तकनीक और उच्च स्तरीय विशेषज्ञता के साथ सम्पन्न की। इस सफलता के साथ गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल दक्षिणी राजस्थान में इस प्रकार की पहली सफल मिनिमली इनवेसिव पीडियाट्रिक कार्डियक इंटरवेंशन करने वाला संस्थान बन गया है।
डॉक्टरों के अनुसार, इस दुर्लभ दोष में महाधमनी (Aorta) और फुफ्फुसीय धमनी (Pulmonary Artery) के बीच असामान्य जुड़ाव बन जाता है, जिससे फेफड़ों में अत्यधिक रक्त प्रवाह होता है और समय पर उपचार न मिलने पर हार्ट फेलियर जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। सामान्यतः ऐसे मामलों में ओपन हार्ट सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन इस बार कैथेटर आधारित तकनीक से बिना बड़ी सर्जरी के दोष को सफलतापूर्वक बंद किया गया।
प्रक्रिया के बाद शिशु की स्थिति तेजी से सुधरी। उसे कम समय अस्पताल में रहना पड़ा और शुरुआती परिणाम अत्यंत उत्साहजनक रहे।
इस अवसर पर डॉ. रमेश पटेल ने कहा, “इतने छोटे बच्चे में इतने दुर्लभ जन्मजात दोष का डिवाइस क्लोजर करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है। इसके लिए सटीक योजना, एडवांस्ड इमेजिंग और अनुभवी टीमवर्क की आवश्यकता होती है। हमें खुशी है कि बच्चा पूरी तरह स्थिर है और उसे स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया है।”
अस्पताल प्रशासन ने इस उपलब्धि को दक्षिणी राजस्थान में विश्वस्तरीय बाल हृदय चिकित्सा की दिशा में बड़ा कदम बताया। प्रशासन ने डॉ. रमेश पटेल के साथ डॉ. गौरव मित्तल, डॉ. दिलीप जैन, डॉ. रोहिन सैनी, डॉ. शैलेन्द्र और श्री लोकेश सहित पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता संस्थान की उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं, नवाचार और मरीज-केंद्रित उपचार के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
यह उपलब्धि केवल एक सफल उपचार नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों के लिए आशा का संदेश है जिन्हें अब जटिल बाल हृदय रोगों के इलाज के लिए बड़े महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने एक बार फिर साबित किया है कि आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सक और समर्पित टीमवर्क मिलकर असंभव को भी संभव बना सकते हैं।