उदयपुर। इस स्वतंत्रता दिवस पर उदयपुरवासियों और पर्यटकों को भारत के अमर क्रान्तिकारियों के त्याग, शौर्य और बलिदान को निकट से अनुभव करने का विशेष अवसर मिलेगा।
15 अगस्त को नवलखा महल, गुलाब बाग स्थित ‘राष्ट्र मंदिर’ में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रहेगा।
श्रीमद् दयानन्द सत्यार्थ प्रकाश न्यास की बैठक में यह निर्णय लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।
न्यास के अध्यक्ष अशोक आर्य ने बताया कि नवलखा महल केवल एक ऐतिहासिक भवन ही नहीं, बल्कि भारतीय नवजागरण की महत्वपूर्ण स्मृतियों को अपने भीतर समेटे हुए है।
19वीं शताब्दी के महान समाज सुधारक महर्षि दयानंद सरस्वती महाराणा सज्जन सिंह के आतिथ्य में यहाँ लगभग साढ़े छह माह रहे थे और इसी ऐतिहासिक स्थल पर उन्होंने अपने कालजयी ग्रन्थ ‘सत्यार्थ प्रकाश’ की रचना पूर्ण की थी।
आज यही स्थल नवलखा महल सांस्कृतिक केंद्र के रूप में भारतीय संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रीय चेतना के विविध गौरवशाली पक्षों को आधुनिक एवं आकर्षक माध्यमों से प्रस्तुत कर रहा है।
18 क्रान्तिकारियों को समर्पित सिलिकॉन म्यूजियम अशोक आर्य ने बताया कि एमडीएच के चेयरमैन महाशय राजीव गुलाटी जी की अनुकंपा से भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान करने वाले 18 महान क्रान्तिकारियों को समर्पित अत्यन्त आकर्षक सिलिकॉन म्यूजियम ‘राष्ट्र मंदिर’ का निर्माण किया गया है।
उन्होंने कहा कि सामान्यतः लोगों ने वैक्स म्यूजियम देखे होंगे, लेकिन राष्ट्र मंदिर का सिलिकॉन म्यूजियम अपने प्रस्तुतीकरण में उससे भी उत्कृष्ट और प्रभावशाली है।
यहाँ शब्द, ध्वनि और प्रकाश का ऐसा संयोजन किया गया है कि दर्शक को ऐसा अनुभव होता है मानो वह स्वयं उन वीर क्रांतिकारियों के सामने खड़ा हो और उनके संघर्ष, पीड़ा, संकल्प तथा राष्ट्रभक्ति को महसूस कर रहा हो।
अशोक आर्य ने कहा कि आज की पीढ़ी के अनेक युवाओं को यह जानकारी नहीं है कि देश को स्वतंत्रता किन परिस्थितियों और कितने बलिदानों के बाद मिली।
13 वर्षीय बाजी राउत का अद्भुत साहस हो या 18 वर्षीय खुदीराम बोस का फांसी के निर्णय के समय भी मुस्कुराते हुए मृत्यु का वरण करना, ऐसी गाथाएँ नई पीढ़ी तक पहुँचाना आवश्यक है उन्होंने कहा कि नीरा आर्या जैसी वीरांगनाओं का त्याग भी हमारी राष्ट्रीय स्मृति का हिस्सा होना चाहिए।
”जिन जियाले सपूतों और वीरांगनाओं ने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया, यदि हम उन्हें विस्मृति के गर्त में डाल देते हैं तो यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य और राष्ट्र के प्रति अन्याय होगा।“ निःशुल्क गाइड और ऑडियो गाइड न्यास के संयुक्त मंत्री डॉ. अमृतलाल तापड़िया ने कहा कि राष्ट्र मंदिर का सम्पूर्ण प्रस्तुतीकरण इतना संजीव और प्रभावशाली है कि यहाँ आने वाला व्यक्ति रोमांचित हुए बिना नहीं रहेगा।
स्वतंत्रता दिवस पर अधिक से अधिक लोग इस अनुभव से जुड़ें, यही उद्देश्य है। न्यास के कोषाध्यक्ष नारायण मित्तल ने बताया कि 15 अगस्त को निःशुल्क गाइड के साथ निःशुल्क ऑडियो म्यूजियम गाइड की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
आगंतुकों को फोटो एवं वीडियो बनाने की असीमित अनुमति भी होगी। न्यास के मंत्री भवानी दास आर्य ने बताया कि 15 अगस्त को दर्शकों के लिए समय प्रातः 11ः00 बजे से सायं 6ः00 बजे तक रहेगा।
न्यास ने उदयपुरवासियों, देशभर से आने वाले पर्यटकों तथा युवाओं से आह्नान किया है कि वे इस स्वतंत्रता दिवस पर केवल उत्सव न मनाएँ, बल्कि उन अमर बलिदानियों के सामने कुछ क्षण खड़े होकर उन्हें नमन करें, जिनके त्याग से भारत स्वतंत्र हुआ।