कोलकाता । कोलकाता मेट्रो ने पर्पल लाइन पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
टनल बोरिंग मशीन टीबीएम ‘‘दिव्या’’ ने मंगलवार को विक्टोरिया मेट्रो स्टेशन पर सफलतापूर्वक ब्रेकथ्रू किया।
इसके साथ ही जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर के खिदिरपुर और विक्टोरिया के बीच दूसरी अंडरग्राउंड सुरंग का निर्माण कार्य पूरा हो गया है।टीबीएम ‘‘दिव्या’’ ने खिदिरपुर से विक्टोरिया तक 1.72 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया।
यह उपलब्धि कोलकाता के शहरी मास ट्रांजिट नेटवर्क को और मजबूत करने तथा जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण कार्य को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।अत्याधुनिक तकनीक से तैयार की गई सुरंग6.60 मीटर व्यास वाली ईपीबी प्रकार की टीबीएम ‘‘दिव्या’’ को कोलकाता की नरम मिट्टी तथा ऊंचे भूजल स्तर जैसी चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय परिस्थितियों में सुरंग निर्माण के लिए डिजाइन किया गया है।
लगभग 95 मीटर लंबी और करीब 600 टन वजनी इस ज्ठड के माध्यम से सुरंग का निर्माण किया गया।सुरंग की लाइनिंग के लिए एम50 ग्रेड के प्रीकास्ट कंक्रीट सेगमेंट का उपयोग किया गया है।
निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा और गुणवत्ता के उच्च मानकों का विशेष ध्यान रखा गया।
घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में सुरंग निर्माण के साथ-साथ सामान्य सड़क यातायात और दैनिक गतिविधियों को भी सुचारु रूप से जारी रखा गया।टीमवर्क और इंजीनियरिंग विशेषज्ञता का परिणामटीबीएम ‘‘दिव्या’’ का सफल ब्रेकथ्रू परियोजना से जुड़ी टीमों की उत्कृष्ट इंजीनियरिंग विशेषज्ञता, सावधानीपूर्वक योजना, तकनीकी दक्षता और प्रभावी समन्वय का परिणाम है।
चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय परिस्थितियों के बावजूद सुरंग निर्माण कार्य को सुरक्षित एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा किया गया।यह उपलब्धि 10 जुलाई 2026 को पर्पल लाइन पर टीबीएम ‘‘दुर्गा’’ के सफल ब्रेकथ्रू के बाद हासिल हुई है।
टीबीएम ‘‘दुर्गा’’ ने खिदिरपुर और विक्टोरिया के बीच पहली अंडरग्राउंड सुरंग का निर्माण पूरा किया था।दोनों टीबीएम के सफल ब्रेकथ्रू के साथ खिदिरपुर-विक्टोरिया खंड में दोनों सुरंगों का निर्माण पूरा हो गया है, जिससे जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण कार्य को महत्वपूर्ण गति मिली है।