उदयपुर। राजस्थान सरकार द्वारा संचालित “हरियालो राजस्थान अभियान” के अंतर्गत एमपीयूएटी के परम आदरणीय कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह का यह महत्वपूर्ण सपना एवं संकल्प है कि विश्वविद्यालय एवं इसके सभी महाविद्यालय परिसरों की एक-एक इंच भूमि का समुचित एवं रचनात्मक सदुपयोग हो तथा कोई भी भूमि खाली एवं अनुपयोगी न रहे।
प्रत्येक उपलब्ध स्थान को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करते हुए अधिकाधिक पौधारोपण किया जाए, ताकि विश्वविद्यालय परिसर को हरा-भरा, स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा सके।
इसी दूरदर्शी सोच एवं हरित परिसर की संकल्पना को साकार करने की दिशा में आज दिनांक 5 अगस्त, 2026 (बुधवार) राजस्थान कृषि महाविद्यालय के कृषि अर्थशास्त्र एवं प्रबंधन विभाग द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन कृषि अर्थशास्त्र एवं प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जी. एल मीना के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में किया गया।
इस अवसर पर कृषि लागत अध्ययन आयोजना की प्रभारी डॉ. लतिका शर्मा, डॉ. हरि सिंह, श्री जी. डी. व्यास सहित विभाग के संकाय सदस्यों, शोधार्थियों तथा एम.एससी. एवं पीएच.डी. के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंतर्गत सीताफल, अशोक, अर्जुन, चाँदनी तथा सहजन (मोरिंगा) की कुल पाँच विभिन्न प्रजातियों के 30 पौधों का विभाग परिसर में स्थान की उपलब्धता के अनुसार रोपण किया गया।
इनमें 10 सीताफल, 5 अशोक, 4 अर्जुन, 6 चाँदनी तथा 5 सहजन (मोरिंगा) के पौधे शामिल थे। इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने पौधों के संरक्षण, नियमित देखभाल एवं हरित परिसर के विकास हेतु निरंतर योगदान देने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम के दौरान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मीना, डॉ. शर्मा एवं डॉ. सिंह ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण एवं संवर्धन की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
इस कार्यक्रम के लिए "जंगल (धरोहर)" के कार्यक्रम प्रबंधक श्री श्रीराज सिंह झाला के सहयोग से लगभग 30 पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराए गए। पर्यावरण संरक्षण इस गैर-सरकारी संगठन की प्रमुख गतिविधियों में से एक है। इसी क्रम में संगठन ने वर्ष 2026-27 के दौरान 10 लाख पौधों के वितरण एवं वृक्षारोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
विभागाध्यक्ष डॉ. जी. एल. मीना ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित परिसर के विकास में सहयोग प्रदान करने के लिए एनजीओ “जंगल (धरोहर)” तथा इसके सभी सहयोगियों के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।