श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत केसरीसिंहपुर की धक्का बस्ती में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री विक्रम ज्याणी के निर्देशन में श्री सहीराम, लक्ष्या ज्याणी और ममता पुरी ने नाटक के माध्यम से नशे के कारण परिवारों पर पड़ने वाले सामाजिक और नकारात्मक प्रभाव को संवेदनशील तरीके से सामने रखा गया।
नाटक में एक मां की वह पीड़ा दिखाई गई, जो अपने बेटे को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए बार-बार गुहार लगाती है।
नाटक में दिखाया गया कि नशे की शुरुआत अक्सर एक छोटी-सी गलती या जिज्ञासा से होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह व्यक्ति के सपनों, रिश्तों, स्वास्थय और परिवार की खुशियों को प्रभावित करने लगता है।
जिस बच्चे को माता-पिता बड़े सपनों के साथ पालते हैं, वही बच्चा नशे की गिरफ्त में आकर अपने भविष्य के साथ-साथ पूरे परिवार को संकट में डाल सकता है।उन्होंने बताया कि नशे से लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
अगर परिवार समय रहते अपने बच्चों से संवाद करंे, उनकी संगति पर ध्यान दें और किसी भी गलत आदत के शुरुआती संकेत को गंभीरता से लें, तो कई जिंदगियों को बचाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों के प्रति संवेदनशील होकर उन्हें सही दिशा में लाने का प्रयास भी करना होगा।
कार्यक्रम के माध्यम से श्री राजू सचदेवा ने लोगों से अपील की यदि परिवार या आसपास का कोई युवा नशे की समस्या से जूझ रहा है, तो उसे ताने देकर या समाज से अलग करके नहीं, बल्कि परिवार, समाज और विशेषज्ञों की मदद से सही दिशा देने का प्रयास किया जाए।
अंत में सहीराम व प्रवीण कुमार ने सभी को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि बलवंत राय मेघवाल थाना प्रभारी, मुकेश पुरोहित, मुकेश गोयल, राजेश गर्ग, सतविंदर सिंह, ईशर सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।