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लोक भवन, देहरादून में गूँजा संवाद से समाधान, भगवान महावीर के सिद्धांतों पर हुआ राष्ट्रीय मंथन

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05 Aug 26
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लोक भवन, देहरादून में गूँजा संवाद से समाधान, भगवान महावीर के सिद्धांतों पर हुआ राष्ट्रीय मंथन

देहरादून । देवभूमि उत्तराखण्ड की पावन धरा पर देहरादून स्थित लोक भवन में महावीरायतन फाउंडेशन के संस्थापक स्वामी देवेन्द्र ब्रह्मचारी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में भगवान महावीर के शाश्वत सिद्धांत “जियो और जीने दो” तथा “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना पर आधारित राष्ट्रीय कार्यक्रम “संवाद से समाधान” का भव्य, गरिमामय एवं ऐतिहासिक आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता, शिक्षा, संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं मानवीय चेतना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक संवाद एवं विचार-विमर्श हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तराखण्ड सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत तथा महंत श्री लोकेश दास जी महाराज उपस्थित रहे। इनके साथ देशभर से पधारे संत-महात्माओं, न्यायविदों, शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों, उद्योगपतियों, समाजसेवियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम का शुभारम्भ भगवान महावीर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। इसके उपरांत द लक्ष्य पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बाढ़वाला, देहरादून के विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों पर आधारित मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर सभी अतिथियों का मन मोह लिया।

महावीरायतन फाउंडेशन की ओर से देशभर से पधारे सभी विशिष्ट अतिथियों एवं प्रतिनिधियों का शॉल एवं सम्मान-दुपट्टा ओढ़ाकर आत्मीय स्वागत किया गया।

इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट एवं प्रेरणादायी योगदान के लिए अधिवक्ता श्री आनंद प्रकाश यादव, प्रख्यात साहित्यकार एवं लेखिका डॉ. प्रभावीकरण जैन, श्री पीयूष जैन, श्री संदीप जैन तथा सीओईआर विश्वविद्यालय, रुड़की के अध्यक्ष इंजीनियर जे. सी. जैन को स्मृति-चिह्न एवं सम्मान-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

अपने उद्बोधन में माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा कि स्वस्थ संवाद ही समाज और राष्ट्र की जटिल समस्याओं के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम है। भगवान महावीर के अहिंसा, करुणा एवं सह-अस्तित्व के सिद्धांत आज भी सम्पूर्ण मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा, संस्कार और सकारात्मक संवाद ही विकसित एवं सशक्त भारत की मजबूत नींव हैं। उन्होंने युवाओं को नैतिक मूल्यों से जोड़ने तथा ऐसे आयोजनों की निरंतरता पर बल दिया।

महंत श्री लोकेश दास जी महाराज ने कहा कि भगवान महावीर का संदेश सम्पूर्ण मानवता के लिए कल्याणकारी है। संवाद, सद्भाव और सेवा के माध्यम से ही समाज में स्थायी शांति और समरसता स्थापित की जा सकती है।

महावीरायतन फाउंडेशन के संस्थापक स्वामी देवेन्द्र ब्रह्मचारी ने कहा कि “संवाद से समाधान” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज, राष्ट्र और मानवता को जोड़ने का एक राष्ट्रीय अभियान है।

भगवान महावीर के “जियो और जीने दो” तथा “वसुधैव कुटुम्बकम्” के सिद्धांत विश्व शांति, सामाजिक समरसता और मानव कल्याण का आधार हैं। उन्होंने कहा कि महावीरायतन फाउंडेशन देशभर में ऐसे संवादों के माध्यम से सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का अभियान निरंतर आगे बढ़ाता रहेगा।

संस्था के ट्रस्टी श्री चंदकुमार जाजोदिया जी ने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की सफलता में योगदान देने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का प्रभावशाली मंच संचालन सुश्री अक्षता जैन ने किया। अंत में श्री सोहन गिरी जी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए माननीय राज्यपाल, सभी विशिष्ट अतिथियों, संत-महात्माओं, विभिन्न राज्यों से पधारे प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सहयोगी संस्थाओं, मीडिया प्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों एवं उपस्थित सभी अतिथियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

समापन अवसर पर महावीरायतन फाउंडेशन के संस्थापक स्वामी देवेन्द्र ब्रह्मचारी ने कार्यक्रम की सफलता के लिए माननीय राज्यपाल, सभी विशिष्ट अतिथियों, देशभर से पधारे संत-महात्माओं, वक्ताओं, सम्मानित अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं, लक्ष्य पब्लिक स्कूल परिवार, मीडिया बंधुओं, स्वयंसेवकों तथा महावीरायतन फाउंडेशन की संपूर्ण टीम के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग, समर्पण और सहभागिता से यह राष्ट्रीय आयोजन ऐतिहासिक एवं सफल बन सका। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “संवाद से समाधान” की यह यात्रा देशभर में सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और मानवीय मूल्यों को सशक्त बनाने का माध्यम बनेगी।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता एवं भगवान महावीर के शाश्वत सिद्धांतों को जन-जन तक पहुँचाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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