जैसलमेर । नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त वातावरण में सम्पन्न कराने तथा जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट अनुपमा जोरवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। यह आदेश चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा।
आदेश के तहत नगर परिषद जैसलमेर एवं नगरपालिका पोकरण की सीमाओं में सार्वजनिक स्थानों पर आग्नेय शस्त्र, विस्फोटक पदार्थ तथा धारदार एवं घातक हथियार लेकर चलने, उनका प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इनमें रिवाल्वर, राइफल, बंदूक, तलवार, भाला, गंडासा, फारसा, चाकू, छुरी, बरछी, कटार, धारिया सहित अन्य घातक हथियार एवं लाठी आदि शामिल हैं।
सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर सख्ती आदेश के अनुसार सांप्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने वाले नारे, भाषण, उद्बोधन, पम्पलेट, पोस्टर अथवा अन्य चुनाव सामग्री के माध्यम से प्रचार-प्रसार पर रोक रहेगी।
फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप, यूट्यूब सहित सोशल मीडिया एवं इंटरनेट माध्यमों से धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष अथवा दुष्प्रचार फैलाने वाली सामग्री का प्रसार भी प्रतिबंधित रहेगा।
किसी भी मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, गिरजाघर अथवा अन्य धार्मिक स्थल का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
सभा, रैली एवं जुलूस के लिए पूर्व अनुमति जरूरी जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की लिखित पूर्व अनुमति के बिना किसी भी जुलूस, सभा, रैली अथवा सार्वजनिक मीटिंग का आयोजन नहीं किया जा सकेगा।
विवाह समारोह एवं शवयात्रा को इससे छूट रहेगी। अनुमति प्राप्त प्रत्येक आयोजन में आदर्श आचार संहिता एवं राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पालना अनिवार्य होगी।
ऐसे आयोजनों की वीडियोग्राफी भी सुनिश्चित की जाएगी तथा अनुमति की प्रति निर्वाचन व्यय से संबंधित नोडल अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी।
मतदाताओं के स्वतंत्र मतदान के अधिकार की सुरक्षा मतदान दिवस पर मतदाताओं को वाहनों से मतदान केन्द्रों तक लाने-ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही किसी भी मतदाता को उसके विधिक मताधिकार के स्वतंत्र प्रयोग में बाधा डालने अथवा दबाव बनाने की अनुमति नहीं होगी।
विशेष परिस्थितियों में छूट निःशक्त एवं अतिवृद्ध व्यक्ति, जिन्हें चलने के लिए सहारे की आवश्यकता है, वे लाठी का उपयोग कर सकेंगे। इसी प्रकार सिख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परम्परा के अनुसार नियमानुसार कृपाण रखने की छूट रहेगी। सक्षम स्वीकृति से आयोजित धार्मिक समारोह, जुलूस एवं कार्यक्रम भी आदेश की निर्धारित शर्तों के अधीन प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।
राजकीय ड्यूटी के दौरान अधिकृत रूप से हथियार रखने वाले कार्मिकों तथा शस्त्र अनुज्ञप्ति के नवीनीकरण के लिए शस्त्र निरीक्षण अथवा पुलिस थाने में जमा कराने हेतु हथियार ले जाने वाले व्यक्तियों पर संबंधित प्रतिबंध लागू नहीं होंगे।
चुनाव शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने में आमजन से सहयोग की अपील जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि आदेश की अवहेलना करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत अभियोग चलाया जा सकेगा। आदेश अत्यावश्यक प्रकृति का होने एवं व्यक्तिगत तामील संभव नहीं होने के कारण एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है।
जिला प्रशासन ने आमजन, राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों, कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों से आदर्श आचार संहिता एवं निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पूर्ण पालना करते हुए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है, ताकि जैसलमेर एवं पोकरण में लोकतंत्र का यह पर्व शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में सम्पन्न हो सकेें।