बांसवाड़ा | सनातन धर्म के संरक्षण एवं परम्पराओं के संवर्धन में दशकों तक समर्पित रहे धर्म-अध्यात्म चिन्तक, वागड़ गौरव एवं बांसवाड़ा जिले के सर्वप्रथम चार्टर्ड अकाउंटेंट स्व. पन्नालाल नागर के जन्म शताब्दी वर्ष के अन्तर्गत इस वर्ष गौरीदेवी परमार्थ ट्रस्ट बांसवाड़ा की ओर से साल भर व्याख्यान माला, कथा-सत्संग और धार्मिक अनुष्ठानों सहित विभिन्न आयोजन किए जाएंगे।
यह जानकारी रविवार को श्री पीताम्बरा आश्रम में गौरी देवी परमार्थ ट्रस्ट की बैठक में दी गई। इस अवसर पर भारतीय विद्या मन्दिर के अध्यक्ष एवं सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर तथा गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय बांसवाड़ा के पूर्व कुलगुरु प्रो. आई.वी. त्रिवेदी ने जन्म शताब्दी वर्ष संबंधित पोस्टर का विमोचन किया।
वर्ष भर अनेक आयोजन प्रस्तावित
बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष मधुसूदन नागर ने बताया कि वर्षों तक विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष पद पर रहे स्व. पन्नालाल नागर जी ने भागवत समिति सहित दो दर्जन से अधिक संस्थाओं के माध्यम से बांसवाड़ा जिले में सैकड़ों रचनात्मक एवं विराट आयोजनों के माध्यम से कई दशकों तक धार्मिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक चेतना विस्तार में अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्हीं की स्मृति में विभिन्न संस्थाओं की सहभागिता से पन्नालाल नागर (1926-2026) जन्म शताब्दी वर्ष मनाया जाएगा।
बैठक में जानकारी दी गई कि जन्म शताब्दी वर्ष के अन्तर्गत वर्ष भर कई महत्त्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें धार्मिक व आध्यात्मिक अनुष्ठानों सहित तमाम तरह के रचनात्मक कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। इसके अन्तर्गत श्री केशवाश्रम गुरु महाराज मन्दिर में अखण्ड रामचरित मानस, भागवत कथा, चण्डी पाठ, कथावाचक अम्बिकानन्द गिरि महाराज के श्रीमुख से शिवपुराण कथा सप्ताह, पारसोलिया में सर्वेश्वर महादेव मन्दिर पर रूद्रार्चन महानुष्ठान, प्रदोष महोत्सव आदि के कार्यक्रम होंगे।
नई पीढ़ी में प्रेरणा संचार
इस अवसर पर एमएलएसयू एवं जीजीटीयू के पूर्व कुलगुरु प्रो. आई.वी. त्रिवेदी ने कहा कि वागड़ क्षेत्र समाज-जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में विभूतियों की खान रहा है, इनके बारे में नई पीढ़ी को परिचित कराने की दिशा में अभियान के तौर पर योजनाबद्ध प्रयासों में जुटने की आवश्यकता है। इससे युवाओं में प्रेरणा का संचार होगा और कर्मयोग के माध्यम से व्यक्तित्व विकास को सम्बल प्राप्त होगा।
स्वागत योग्य पहल
संस्कृत विषयक 146 पुस्तकों के लेखक एवं ‘संस्कृतोत्थान समिति’ के संस्थापक सचिव संस्कृतविद् डॉ. राकेश शास्त्री ने इस पहल को स्वागत योग्य बताया और कहा कि वर्तमान समय में इसकी अत्यन्त आवश्यकता है। इस दिशा में समाजों और संस्थाओं को आगे आना चाहिए।
गायत्री मण्डल कई कार्यक्रम करेगा
गायत्री मण्डल के अध्यक्ष एवं अन्य प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए जन्म शताब्दी वर्ष के आयोजनों में सक्रिय योगदान का विश्वास जताते हुए कहा कि गायत्री मण्डल के संस्थापकों में अग्रणी रहे स्व. पन्नालाल नागर की स्मृति में श्री पीताम्बरा आश्रम में ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म एवं प्राच्यविद्याओं से जुड़े विषयों पर समय-समय पर व्याख्यान एवं सेमीनार का आयोजन इस वर्ष किया जाएगा। इनमें इन विषयों पर देश के विभिन्न क्षेत्रों के विद्वानों के व्याख्यान एवं संगोष्ठियां तथा विद्वत् सम्मान एवं अभिनन्दन कार्यक्रम होंगे।
पोस्टर विमोचन समारोह में धनेश्वर प्रदोष मण्डल के अध्यक्ष नगेन्द्र नागर एवं सचिव जयप्रकाश याज्ञिक, दीनबंधु चेतना समिति के अध्यक्ष सुरेश पण्ड्या, सीए अंजनी त्रिवेदी, शेखर पण्ड्या, हेमन्त दवे, रविन्द्र झा, सुनील त्रिवेदी, रविन्द्र त्रिवेदी, दिलीप झा, मिट्ठनलाल दवे, बलदेव दवे, निखिल दवे, केवलकृष्ण नागर, नवीन पण्ड्या, दिलीप पण्ड्या, दिनेन्द्र दवे, देवांग नागर, पवन दवे, हेमेन्द्र त्रिवेदी, देवकीनन्दन झा, जयन्त नागर, हेमांग नागर, दीपक झा आदि ने भाग लिया।
रहेगी मातृशक्ति की भागीदारी
समारोह में महिला प्रतिनिधियों पुष्पा व्यास, पूजा जोशी, रेखा पण्ड्या, जया नागर, संगीता झा, भार्गवी नागर, प्रवीणा त्रिवेदी, निधि नागर, दीपिका पण्ड्या, रंजना नागर, जागृति नागर, हीमा झा, चेतना दवे, अल्पना नागर, चेतना नागर, दीपाली दवे एवं रेखा याज्ञिक ने जन्म शताब्दी वर्ष के आयोजनों में महिलाओं की पूर्ण सहभागिता का संकल्प व्यक्त किया।
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