बांसवाड़ा / बांसवाड़ा में बगलामुखी जयन्ती धूमधाम से मनायी गई। गायत्री मण्डल द्वारा शहर के वनेश्वर महादेव के समीप संचालित श्री पीताम्बरा आश्रम में बगलामुखी जयन्ती पर शुक्रवार को पीताम्बरा जयन्ती महोत्सव आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने विभिन्न अनुष्ठानों में हिस्सा लेकर शक्ति उपासना का ज्वार उमड़ा दिया।
पीताम्बरा जयन्ती महोत्सव का शुभारंभ मंदारेश्वर पर्वतीय वाल्मिक आश्रम के महंत, वयोवृद्ध संत थावरगिरि जी महाराज ने बगलामुखी की तस्वीर तथा यंत्र पर पुष्पार्चन से किया और सभी भक्तजनों को आशीर्वाद प्रदान किया।
महंत थावरगिरी जी महाराज ने इस अवसर पर धर्म चेतना एवं सनातन संस्कारों के संवहन को आज की सर्वोपरि एवं नितान्त प्राथमिक आवश्यकता बताया और कहा कि इसके लिए हर स्तर पर सामूहिक एवं समर्पित प्रयासों की आवश्यकता है। इस दिशा में उन्होंने सभी प्रकार के प्रयासों को हर प्रकार का सम्बल प्रदान करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर वैदिक स्वस्तिवाचन ऋचाओं के सस्वर गान के साथ गायत्री मण्डल की ओर से सचिव विनोद शुक्ल, प्रसिद्ध कर्मकाण्डी पं. राकेश शुक्ल एवं पं. आशीष पण्ड्या (पिण्डारमा) ने पुष्पहार, उपरणा एवं शॉल ओढ़ाकर महंत थावरगिरिजी महाराज का अभिनन्दन किया तथा श्रीमद्भगवद्गीता ग्रंथ भेंट किया।
आध्यात्मिक समागम में तथा गायत्री मण्डल की आजीवन सदस्या तथा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की उप निदेशक कल्पना डिण्डोर, मधुसूदन व्यास, मनोहर जोशी, चन्द्रेश व्यास, भंवर गर्ग ‘मधुकर’, पं. जय रणा, राजेन्द्रप्रसाद ठाकोर, पं. मनोज भट्ट शास्त्री, प्रदीप सोनी, आचार्य योगिता व्यास सहित गायत्री मण्डल के पदाधिकारियों एवं आश्रम के साधकों व साधिकाओं ने सामूहिक मंत्रोच्चारण एवं वैदिक ऋचाओं का सुमधुर गान किया।
बगलामुखी जयन्ती महोत्सव के अन्तर्गत पं. राकेश शुक्ला के आचार्यत्व एवं युवा कर्मकाण्डी पं. जय रणा के सह आचार्यत्व में विनायक महापूजा के उपरान्त पीताम्बरा बगलामुखी महाविद्या से संबंधित अष्टोत्तरशत एवं सहस्रनामावली से अर्चन, विभिन्न स्तोत्रों के पाठ, बगला मंत्रों के जप, पीताम्बरा साधना के क्रम अनुसार विधि-विधान से बगलामुखी देवी के विभिन्न अनुष्ठान हुए।
इनमें हरिद्रागणेश, स्वर्णाकर्षण भैरव, मृत्युन्जय भैरव, एकवक्त्र भैरव, आनन्द भैरव, महामृत्युन्जय उपासना के उपरान्त बगलामुखी (पीताम्बरा) आराधना में विभिन्न स्तोत्रों, बगला यंत्रार्चन आदि कई अनुष्ठान हुए।
प्रथम चरण के इन अनुष्ठानों में बगलामुखी साधकों एवं श्रृद्धालुओं में प्रमुख रूप से कल्पना डिण्डोर, पं. पवन पाठक, पं. मधुसूदन व्यास, मुक्ता चौबीसा, मनीष पुरोहित, सौरभ रावल, पुष्पा व्यास सहित कई साधकों तथा साधिकाओं ने भक्तिभाव के साथ हिस्सा लिया।
महोत्सव के अन्तर्गत बगलामुखी साधना के जिज्ञासुओं को पीताम्बरा उपासना से संबंधित प्रारंभिक जानकारी प्रदान करने के साथ ही जाने-माने बगलामुखी साधक, गायत्री मण्डल मे संस्थापक अध्यक्ष देवर्षि पं. महादेव शुक्ल द्वारा प्रकाशित पीताम्बरा साधना साहित्य प्रदान किया गया तथा इसकी क्रियाविधि समझायी गई।
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