जयपुर। अपेक्स यूनिवर्सिटी, जयपुर की ओर से आयोजित तीन दिवसीय तृतीय डॉ. एस.एम. जूनीवाल रांका इंटरनेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता का शनिवार को भव्य आगाज़ हुआ। सीतापुरा स्थित अपेक्स कैंपस में आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत सहित विदेशों के कुल 53 विश्वविद्यालयों की टीमें भाग ले रही हैं।


उद्घाटन मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायमूर्ति अरविंद कुमार, राजस्थान उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति आनंद शर्मा और अपेक्स यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन डॉ. रवि जूनीवाल द्वारा किया गया। पूर्व न्यायाधीश जे.के. रांका, उर्मिला एन. रांका और सिद्धार्थ रांका ने स्पेशल गेस्ट के रूप में शिरकत की।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति अरविंद कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलकर ईमानदारी, मानवता और विनम्रता को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 51(A) में वर्णित मूल कर्तव्यों को विद्यार्थियों के जीवन की आधारशिला बताते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को आत्मसात करना चाहिए।
उन्होंने प्राचीन भारतीय शिक्षा–केंद्र तक्षशिला और नालंदा की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग को भी याद किया तथा कहा कि देशभक्ति सिर्फ भावना नहीं, बल्कि जीवनभर निभाया जाने वाला कर्तव्य है।

राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आनंद शर्मा ने कहा कि मूट कोर्ट भविष्य का अभ्यास है और यह छात्रों को गहराई से सोचने, नियमों को समझने तथा केसों में छिपी मानवीय कहानी को पहचानने का अवसर देता है। उन्होंने मूट कोर्ट को “महासागर” बताते हुए कहा कि छात्रों को इसमें स्वयं ज्ञानरूपी रत्न खोजने होते हैं। तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर उन्होंने कहा कि इससे भागना समाधान नहीं है, लेकिन मशीनों का दास बनना भी उचित नहीं।

अपेक्स यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन डॉ. रवि जूनीवाल ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं ज्ञान प्राप्ति का प्रभावी माध्यम हैं और कानून के छात्रों को सतत नई जानकारी से अपडेट रहना चाहिए। वाइस चांसलर प्रो. सोमदेव सतांशु ने “धर्मो रक्षति रक्षितः” का संदेश देते हुए धर्म और न्याय की महत्ता पर प्रकाश डाला। रजिस्ट्रार डॉ. पंकज कुमार शर्मा ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

डायरेक्टर वेदांशु जूनीवाल ने बताया कि शनिवार को प्रिलिमिनरी राउंड आयोजित किए गए हैं। इसके बाद क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल राउंड होंगे। समापन समारोह 17 नवंबर 2025 को शाम 4:30 बजे होगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति अनुप कुमार दंड और माननीय न्यायमूर्ति अनिल कुमार उपमन उपस्थित रहेंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों, वक्ताओं और बेस्ट मेमोरियल तैयार करने वाली टीमों को पुरस्कृत किया जाएगा।

 

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