प्रसिद्ध फ़िल्मकार उदय शंकर पानी की पहली सोलो कला प्रदर्शनी ‘फ्रॉमसेलुलॉइड टू कैनवास’ का उद्घाटन ग्रेस्कासा, लक्ष्मी इंडस्ट्रियल एस्टेट, अंधेरी (पश्चिम) में संगीतकार डब्बू मलिक, गायिका श्रद्धा पंडित और जाने-माने समाजसेवी डॉ. अनील काशी मुरारका द्वारा किया गया। इस खास मौके पर उदय शंकर पानी की पत्नी, उनके पुत्र एवं संगीतकार वैभव पानी तथा पुत्रवधू भी मौजूद रहे और इस महत्वपूर्ण रचनात्मक उपलब्धि पर उनका प्रोत्साहन किया।
एक सक्रिय भारतीय फ़िल्मकार द्वारा आयोजित पहली एकल कला प्रदर्शनी मानी जा रही ‘फ्रॉम सेलुलॉइड टू कैनवास’ में लगभग 57 कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं, जिन्हें उदय शंकर पानी ने पिछले पाँच दशकों में रचा है - जिनकी शुरुआत 1970 के दशक से होती है। एफटीआईआई के पूर्व छात्र उदय शंकर पानी का करियर रिचर्ड एटनबरो की 'गांधी' और कृष्णा शाह की 'शालीमार' जैसी अंतरराष्ट्रीय और प्रतिष्ठित फ़िल्मों में सहायक निर्देशक के रूप में काम करने से लेकर, स्वयं नौ फीचर फ़िल्मों के निर्देशन तक फैला हुआ है। इसके अलावा उन्होंने 'देख भाई देख' और 'सुरभि' जैसे ऐतिहासिक टेलीविजन कार्यक्रमों को भी रचनात्मक दिशा दी।
यह प्रदर्शनी उनके बहुआयामी कलात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसमें पोर्ट्रेट्स, लैंडस्केप्स, एब्सट्रैक्ट, पुष्प और वन्यजीवन विषयक कृतियाँ शामिल हैं। अधिकतर कलाकृतियाँ ऑयल माध्यम में बनाई गई हैं, वहीं वॉटरकलर, ऐक्रेलिक और मिक्स्ड मीडिया का भी प्रयोग किया गया है। प्रदर्शनी में कुछ ऐसी रचनाएँ भी शामिल हैं जिन्हें उदय शंकर पानी ने केवल अपनी उंगलियां इस्तेमाल करके बनाया है।
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