मुम्बई: सामाजिक मुद्दों पर अपनी सशक्त और मधुर आवाज़ के लिए जानी जाने वाली गायिका इरम फातमा जन्नत ने एक नया गीत “मैं भी पढ़ूँगी ओ माँ” रिलीज़ किया है, जो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान पर आधारित है। इस गीत में एक बेटी की उम्मीदों और सपनों को उजागर किया गया है, जो अपनी माँ से कहती है, “माँ, मैं भी पढ़ूँगी, मैं भी अपने सपनों को साकार करूँगी।” जनता इस गीत को खूब पसंद कर रही है और यह समाज में बेटियों की शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ा रहा है।
गीत के बोल और संगीत अरुण शर्मा ने दिए हैं, और संगीत प्रोग्रामिंग चेतन श्रीवास्तव ने की है। यह गीत ‘शलोन फाउंडेशन’ की एक पहल है जिसका उद्देश्य समाज में बेटियों की शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना है।
इस गीत को आप सभी ऑडियो/वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म (यूट्यूब,स्पॉटिफाई,जियो-सावन, एप्पल म्यूज़िक, यूट्यूब म्यूज़िक,गाना आदि पर सुन सकते हैं।
इरम फातिमा जन्नत मूलतः उत्तर प्रदेश के शहर प्रतापगढ़ से हैं।
डॉ आफताब अहमद और तनवीर फात्मा की ये प्रतिभावान बेटी ने प्रयाग संगीत समिति, प्रयागराज से संगीत की शिक्षा प्राप्त की है, जहाँ से उन्होंने प्रभाकर की उपाधि हासिल की। बाद में, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उन्होंने संगीत में एम.म्यूज़ किया। वर्तमान में, वे मुंबई में प्लेबैक सिंगिंग कर रहीं हैं। इरम ने कई फिल्मों और एल्बमों में गाया है और उनका नाम गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। वे कई टीवी शो में भी नज़र आई हैं, जिनमें DD-1 के रियलिटी शो भारत की शान -सीज़न 3 में वे जज भी रह चुकी हैं।इसके अलावा ईटीवी उर्दू, ईटीवी भारत, दूरदर्शन उत्तर प्रदेश आदि टीवी चैनलों पे भी वो प्रस्तुति दे चुकी हैं। वे कविताएँ और ग़ज़लें भी लिखती हैं। अपना काव्य पाठ वो आकाशवाणी में प्रस्तुत कर चुकी हैं ।
इरम फातमा जन्नत का कहना है, “ये गीत उनके दिल के बहुत क़रीब है। उन्होंने अपनी माँ को याद करते हुए ये गीत रिकॉर्ड किया था । उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा बहुत ज़रूरी है, शिक्षा से बेटियाँ न केवल अपना भविष्य बदलती हैं, बल्कि पूरे समाज को नई दिशा देती हैं ।
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