मार्च महीने की पहली सुबह उदयपुर के टाइगर हिल स्थित आनंदम परिसर में श्रोताओं ने न केवल सामूहिक ध्यान किया बल्कि सामूहिक भक्तिगान से वातावरण को आनंदमयी बनाया | अहमदाबाद की संस्था बन जारा म्युज़िक द्वारा आयोजित अंतर्मन  प्रातःकालीन संगीत ध्यान सभा  का यह पहला संस्करण था जिसमें उदयपुर के युवा शास्त्रीय गायक समर्थ जानवे ने मार्गीय संगीत के द्वारा सर्व प्रथम  ॐ के उच्चारण और शिव स्तुति से उपस्थित श्रोताओं से ध्यान लगवाया |

समर्थ जानवे ने हवेली संगीत,रसिया गायनऔर होली गीत गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया | हनुमान स्तुति और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय के गान पर श्रोताओं को झुमाते हुए  सबको भक्ति रस से ओतप्रोत कर दिया | समर्थ के गायन में तबले पर (पीयूष राव -जयपुर ),पखावज पर ( यशोदानंदन कुमावत - नाथद्वारा) बांसुरी पर (मोहित मेहता- उदयपुर), हारमोनियम पर ( दुष्यंत सिंह बारठ - पिण्डवाडा )

 तानपुरे और गायन में उदयपुर के लव बनजारा और सोनाली रावत ने सांगत की |

 कार्यक्रम में पश्चिम  क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, देवस्थान विभाग, सुखाडिया विश्वविद्यालय, कुम्भा संगीत परिषद्  के अधिकारियों  के साथ योगाचार्य,  संगीत रसिकों और विद्यार्थियों ने शिरकत की |  बनजारा म्युज़िक के संचालक नीरज बनजारा  ने बताया कि  अंतर्मन कार्यक्रम का उद्देश्य   आज के आपाधापी के जीवन में  युवा पीढी  में आध्यात्म  और शास्त्रीय संगीत के प्रति रूचि जागृत करते हुए  सकारात्मक सोच बनाना है |  कार्यक्रम का संचालन विलास जानवे ने किया | 

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