नई दिल्ली/जयपुर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जयपुर में 23 से 25 मई तक ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)-2026 का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत किसानों, कृषि विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और निवेशकों को एक मंच पर लाकर कृषि प्रौद्योगिकी के माध्यम से किसानों की मजबूती पर बल दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सशक्त किसान, समृद्ध भारत’ के विजन को धरातल पर साकार करने के लिए यह सम्मेलन अहम भूमिका निभाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों एवं उद्यमियों को ग्राम-2026 में भाग लेने का आमंत्रण भी दिया।
मुख्यमंत्री गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ‘ग्राम’ के तहत गिरदावर सर्किल, उपखण्ड, जिला सहित प्रत्येक स्तर पर गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा किसान लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि राजस्थान कृषि उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है। बाजरा, सरसों, तिलहन, जौ, ग्वार, ईसबगोल और जीरे के उत्पादन में राजस्थान देश में पहले स्थान पर है। इस विविधता से फूड प्रोसेसिंग, स्पाइस पार्क और एग्री-एक्सपोर्ट जैसे क्षेत्रों में उद्यमियों के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार उद्यमियों को निवेश अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन कर कृषि क्षेत्र में करीब 44 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए, जिनमें से 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर भी चुका है। ग्राम-2026 इसी निवेश यात्रा को और आगे ले जाने का मंच है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पहली बार पश्चिम क्षेत्रीय जोनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। दलहन उत्पादन के मामले में झालावाड़ व टोंक जिलों को मॉडल जिलों के तौर पर विकसित किया जा रहा है। वहीं, केंद्र सरकार द्वारा भी प्रदेश में 3 लाख क्विंटल से अधिक बीज वितरण के लिए किसानों को अनुदान दिया जाएगा।
*कृषि से जुड़ी गतिविधियों पर भी सरकार का फोकस*
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में सौर ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। हमारी सरकार ने दो साल में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान जारी कर राज्य में 65 हजार से अधिक सौर पंप संयंत्र स्थापित करवाए हैं। इससे किसानों की बिजली लागत में भारी कमी आई है और कृषि उत्पादकता में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि हमारी मंशा है कि किसानों को निकटतम ही प्रसंस्करण इकाई मिले और उनकी आय बढ़े। इस हेतु हम प्रोसेसिंग यूनिट, वेयरहाउस, डेयरी, मछली पालन, पशुपालन सहित अन्य कृषि से जुड़ी गतिविधियों पर भी फोकस कर रहे हैं। प्रदेश में डेढ़ हजार से अधिक कृषि प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की गई हैं। साथ ही, प्रदेश में प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए फूड पार्कों हेतु भूमि चिन्हित की जा चुकी है। मसाला प्रकोष्ठ की स्थापना, राजस्थान स्पाइस कॉन्क्लेव का आयोजन तथा राजस्पाइस मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करने जैसे नवाचार भी किए गए हैं।
*पीएम फसल बीमा के तहत राजस्थान में सबसे ज्यादा पॉलिसी जारी*
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए समर्पण के साथ कार्य कर रही है। हमने किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाकर 9 हजार रुपये की है। साथ ही, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत देश में सबसे ज्यादा 2 करोड़ 19 लाख पॉलिसी जारी की गई हैं तथा 6 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक के क्लेम वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को गेहूं की खरीद पर 150 रुपये बोनस, 24 जिलों में किसानों को दिन में बिजली, राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना के तहत पशुपालकों को 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण तथा मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत 20 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण किया गया है।
केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री का मानना है कि जब कृषि लाभदायक होगी, तभी देश का सही मायने में विकास होगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान साहस और नवाचार की भूमि है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान सरकार कृषि लागत में कमी और उन्नत तकनीक के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक प्रदेश की भौगोलिक आवश्यकतानुसार कृषि के लिए आवश्यक एवं सुलभ तकनीक विकसित करें।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट के तहत अहमदाबाद, हैदराबाद एवं पुणे सहित देश के कई स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देश के कृषकों को नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए आयोजित ग्राम एकीकृत अंतर्राष्ट्रीय मंच है, जहां नीति निर्माता, वैज्ञानिक और कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे। साथ ही विशेष सत्रों, जाजम चौपाल, कृषि क्षेत्र में महिला उद्यमिता एवं स्टार्टअप को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के जरिए नवाचारों पर भी चर्चा की जाएगी।
कार्यक्रम में ग्राम 2026 पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार, राजस्थान किसान आयोग अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एम.एल. जाट, प्रमुख शासन सचिव कृषि मंजू राजपाल, महासचिव फिक्की अनन्त स्वरूप सहित कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्यमीगण, निवेशकगण, विशेषज्ञ एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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जयपुर में 23 से 25 मई तक ग्राम-2026 का आयोजन, दिल्ली में हुआ इन्वेस्टर मीट
किसान, कृषि विशेषज्ञ, नीति निर्माता एवं निवेशकों को मिलेगा एक मंच
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