उदयपुर। नवलखा महल सांस्कृतिक केन्द्र भारत की गौरवमयी परम्परा को पुनः जीवन्त करने का केन्द्र बन गया है। ये विचार राजस्थान राज्य वित आयोग के अध्यक्ष श्री अरूण चतुर्वेदी ने व्यक्त किए। वे आज उदयपुर स्थित नवलखा महल सांस्कृतिक केन्द्र का अवलोकन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नवलखा महल सांस्कृतिक केन्द्र के तहत हाल ही में तैयार किया गया नव प्रकल्प एम.डी.एच.राष्ट्र मंदिर वास्तव ऐसा प्रकल्प तैयार किया गया है जहां भारत की प्राचीन गौरवमयी परम्परा जीवन्त रूप में प्रकट हो गई है। उन्होंने ऐसे प्रकल्प को तैयार कराने वाले दानवीर पूज्य महाशय धर्मपाल जी के पुत्र एम.डी.एच. ग्रुप के अध्यक्ष महाशय राजीव जी गुलाटी का साधुवाद प्रकट किया और कहा कि उनके द्वारा तैयार कराये गये इस प्रकल्प के माध्यम से देश विदेश से आने वाले पर्यटक ऐसे गुमनाम क्रान्तिकारियों के जीवन चरित्र का दिग्दर्शन करते हैं जिन्होंने देश की स्वतंत्रता एवं गौरव के लिए अपने प्राणों की आहूति दी परन्तु उनका नाम इतिहास के पन्नों में दब गया है। उन्होंने आह्वान किया कि यहां सभी को आकर यहां के प्रकल्पों का दर्शन करना चाहिए।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राजस्थान प्रदेश के उपाध्यक्ष श्री प्रमोद सामर ने कहा कि नवलखा महल आर्य समाज को सुपुर्द करने से लेकर आज तक मैं यहां से जुड़ा हुआ हूं। नवलखा महल जब आर्य समाज को प्राप्त हुआ तब बहुत ही जीर्ण जीर्ण अवस्था में था। परन्तु दानदाताओं तथा श्री अशोक आर्य जी एवं उनकी टीम के द्वारा इस केन्द्र को आज अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्यातनाम बना दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि यहां के प्रकल्पों के माध्यम से स्थानीय जनता ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व की जनता यहां से शिक्षा, संस्कार तथा देश प्रेम की भावना के प्रति आकर्षित हो रही है। यहां की प्रगति के लिए हमारा हर संभव सहयोग रहेगा तथा यहां के विकास के लिए आ रही रूकावटों को दूर करने के लिए हम अपना पूर्ण सहयोग करेंगे।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी,उदयपुर शहर के जिलाध्यक्ष श्री गजपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि नवलखा महल वह स्थान है जहां आकर चित्त को शांति मिलती है तथा यहां विभिन्न प्रकल्प आर्यावर्त चित्रदीर्घा, राष्ट्रोन्नायक वीथिका, सुरेश चन्द्र दीनदयाल गुप्त मिनी थियेटर, सोलह संस्कार वीथिका, विशाल यज्ञशाला,पुस्तकालय तथा राष्ट्र मंदिर। सभी प्रकल्प एक से बढ़कर एक हैं। ऐसे प्रकल्प विश्वभर में कहीं नहीं है। अतः यहां युवा पीढ़ी तथा बालकों को विशेष रूप से आना चाहिए और यहां के प्रकल्पों से शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी,उदयपुर शहर जिला महामंत्री एवं उदयपुर नगर निगम के पूर्व उप महापौर श्री पारस सिंघवी ने कहा कि यहां जो भी दान देता है उसके दान का वास्तव में सही उपयोग यहां हो रहा है। यहां तैयार किए गए सोलह संस्कार की जो वीथिका है उनका अवलोकन करने पर हमने जीवन में सोलह संस्कारों का महत्व जाना। इसी प्रकार यहां प्राचीन ऋषि मुनियों, क्रान्तिकारियों के जीवन चरित्र का भी ज्ञान प्राप्त हुआ है।
श्री अरूण चतुर्वेदी तथा आगन्तुकों का पगड़ी, उपरणा तथा तिलक कर स्वागत श्रीमद् दयानन्द सत्यार्थ प्रकाश न्यास के अध्यक्ष श्री अशोक आर्य द्वारा गया। इस अवसर पर न्यास के कार्यालय मंत्री श्री भंवर लाल गर्ग, पुरोहित श्री नवनीत आर्य,लेखाकार श्री दिव्येश सुथार, जन सम्पर्क सचिव श्री विनोद कुमार राठौड़, एनएमसीसी की संयोजक श्रीमती दुर्गा गोरमात, गाइड श्री सिद्धम, श्री गौरव, श्रीमती रेखा, श्री देवीलाल, श्रीमती निरमा, श्री लक्ष्मण, तथा कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
राजस्थान राज्य राजस्थान अनुसूचित जाति वित एवं विकास आयोग के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र कुमार नायक ने नायक ने किया नवलखा महल का अवलोकनः- राजस्थान राज्य राजस्थान अनुसूचित जाति वित एवं विकास आयोग के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र कुमार नायक ने नायक ने उदयपुर प्रवास के दौरान नवलखा महल सांस्कृतिक केन्द्र का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समाज के वंचित वर्ग को अन्य नागरिकों के तरह अधिकार दिलाने के लिए आर्य समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। जब देश में छूआछूत जैसी बुराई व्यापक स्तर पर थी तथा ऐसे समय में अछूत समझे जाने वाले लोगेां को मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य महर्षि दयानन्द सरस्वती और आर्य समाज ने किया। महर्षि दयानन्द व आर्य समाज के प्रयासों के कारण इन जाति के लोगों ने आर्य समाज की ओर अपना रूख किया।
उन्होंने यहां एम.डी.एच. राष्ट्र मंदिर, राष्ट्रोन्नायक वीथिका, श्री सुरेश चन्द्र दीनदयाल गुप्त मल्टी मीडिया सेन्टर, संस्कार वीथिका, आर्यावर्त चित्रदीर्घा, माता लीलावन्ती सभागार इत्यादि का अवलोकन किया गया। नवलखा महल आगमन पर उनका पगड़ी, उपरणा व तिलक लगाकर स्वागत श्रीमद् दयानन्द सत्यार्थ प्रकाश न्यास के अध्यक्ष श्री अशोक आर्य द्वारा किया गया। इस अवसर पर न्यास के जन सम्पर्क सचिव श्री विनोद कुमार राठौड़, कार्यालय मंत्री श्री भंवर लाल गर्ग, लेखाकार श्री दिव्येश सुथार व न्यास के कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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नवलखा महल सांस्कृतिक केन्द्र भारत की गौरवमयी परम्परा को पुनः जीवन्त करने का केन्द्र
-अरूण चतुर्वेदी
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