उदयपुर। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के तहत 35 लाख से अधिक युवाओं ने आवेदन किया है जो इस युवाओं में इस योजना के प्रति रुचि को दर्शाता है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 भारत सरकार की एक प्रमुख कौशल विकास योजना है, जो युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों में मुफ्त प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रदान करती है। इसे कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के माध्यम से चलाया जा रहा है।
सांसद डॉ मन्नालाल रावत की ओर से लोकसभा में पूछे गए प्रश्न पर कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने यह जानकारी दी। सांसद डॉ रावत ने इस योजना को लेकर सरकार ने विस्तार से जानकारी मांगी थी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) के अंतर्गत कौशल विकास इको सिस्टम के लिए एक डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) विकसित किया है। 13 सितंबर 2023 को लॉन्च किया गया यह हब संपूर्ण कौशल विकास इको सिस्टम को एक एकीकृत मंच पर लाता है, जिसमें प्रशिक्षण, मूल्यांकन, प्रमाणन, रोजगार और उद्यमिता सेवाएं शामिल हैं।
स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) के आंकड़ों के अनुसार पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत कुल 35,17,023 शिक्षार्थी, राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन स्कीम (एनएपीएस) के तहत 52,98,397, जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) स्कीम के तहत 10,19,992 और स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस (एसओएआर) पहल के तहत 4,96,755 शिक्षार्थी पंजीकृत हैं। प्लेटफॉर्म पर वैध ट्रेनर आईडी रखने वाले कुल 78,647 प्रशिक्षक पंजीकृत हैं। इसके अलावा, पीएमकेवीवाई 4.0 (अल्पकालिक प्रशिक्षण और विशेष परियोजनाएं) के तहत 13,633 प्रशिक्षण केंद्र, जेएसएस स्कीम के तहत 296 प्रशिक्षण केंद्र और 13,888 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) सिद्ध से जुड़े हुए हैं। व्यापक पहुंच और सुगम्यता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बहुभाषी जागरूकता अभियान, डिजिटल आउटरीच, पंचायतों और साझा सेवा केंद्रों के माध्यम से सामुदायिक जुटाव, कार्यशालाएं, कौशल जागरुकता गतिविधियां और जमीनी स्तर पर सहायता पहलों सहित एक एकीकृत ऑनलाइन और ऑफलाइन दृष्टिकोण अपनाया है। इसके अलावा, पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत कौशल केंद्र और जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) स्कीम जैसी पहल लाभार्थियों के समीप कौशल प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करती हैं, जिनमें आकांक्षी, पिछड़े और दूरस्थ क्षेत्र भी शामिल हैं।
एआई-आधारित कौशल विकास और डिजिटल प्रशिक्षण अवसंरचना को मजबूत करने के लिए, सरकार कृत्रिम बुद्धिमता, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और ग्रीन प्रौद्योगिकीयों जैसी उभरती प्रौद्योगिकीयों में कौशल विकास को बढ़ावा दे रही है।
इसके अलावा, स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) के माध्यम से देशभर में एआई-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस (एसओएआर) पहल को पूरी तरह से ऑनलाइन, स्व-गति से सीखने वाले एआई लर्निंग प्रोग्राम के रूप में तैयार किया गया है। ये पाठ्यक्रम एनएसएफ़क्यू के अनुरूप हैं और राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क (एनसीआरएफ) के तहत क्रेडिट से जुड़े हुए हैं।
Headlines
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के तहत 35 लाख से अधिक युवाओं ने किया आवेदन, एआई प्रशिक्षण पर फोकस
-सांसद डॉ मन्नालाल रावत के प्रश्न पर केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी
Related stories
Need to Connect the New Generation with the Legacy of Haldighati and Dewair: Union Minister Shekhawat
Udaipur: Union Minister for Culture and Tourism Gajendra Singh Shekhawat said that the younger generation mus…
Panel Discussion on “Medical Tourism in Udaipur: Possibilities and Challenges” Held on World Tourism Day
Udaipur: On the occasion of World Tourism Day, the Tourism and Hotel Management Programme of Mohanlal Sukhadi…
Seeing the World Through the Camera: Photography Workshop Organised at Pacific College
Udaipur: A photography workshop was organised at Pacific College, Chitrakoot Nagar, on Saturday by Pacific Co…
BCI Yuva Investor Connect 2026 Held in Rajasthan, Attracts Registrations from 350 Startups
Udaipur: BCI Yuva Investor Connect 2026 was organised at IIM Udaipur with the objective of strengthening the…