जैसलमेर। मरू उद्योग एवं हस्तशिल्प मेला, राज सखी मेला - 2026 के तहत “एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी)” तथा “स्वर्णिम जैसलमेर-विरासत भी, विकास भी” की अवधारणा को साकार करते हुए भव्य एवं आकर्षक लेज़र शो तथा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित इस लेज़र शो के माध्यम से जैसलमेर जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपरागत हस्तशिल्प, पीला पत्थर उद्योग, स्थानीय उत्पादों तथा औद्योगिक एवं आर्थिक विकास की संभावनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
लेज़र शो के दौरान उद्योग विभाग की राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। विशेष रूप से ओडीओपी नीति-2024, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत युवाओं, कारीगरों, उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूहों को उपलब्ध अनुदान, ऋण सहायता, प्रशिक्षण एवं रोजगार अवसरों को दृश्य माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
“स्वर्णिम जैसलमेर- विरासत भी, विकास भी” की थीम के अनुरूप ऐतिहासिक धरोहरों, पर्यटन, लोककला, लोकसंगीत एवं आधुनिक विकास कार्यों के सामंजस्य को रोशनी, संगीत और दृश्य प्रभावों के माध्यम से जीवंत किया गया, जिसे दर्शकों ने सराहा।
इस अवसर पर महाप्रबंधक, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र संतोष कुमारी ने बताया कि उद्योग विभाग द्वारा स्थानीय उद्योगों, हस्तशिल्प, महिला उद्यमिता एवं युवाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए सुप्रसिद्ध लोक कलाकार सकुर खान एवं उनके समूह द्वारा भव्य सांस्कृतिक संध्या की प्रस्तुति दी गई, जिसमें पारंपरिक लोकसंगीत एवं वादन ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मरू उद्योग एवं हस्तशिल्प मेला, राज सखी मेला - 2026 में 25 लाख रुपये से अधिक की बिक्री
मरू उद्योग एवं हस्तशिल्प मेला, राज सखी मेला - 2026 के दौरान आगंतुकों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। मेले के सफल आयोजन के परिणामस्वरूप अब तक 25 लाख रुपये से अधिक की बिक्री दर्ज की गई, जो स्थानीय उत्पादों एवं हस्तशिल्प के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती है।
मेले में जैसलमेर के पारंपरिक हस्तशिल्प, पीला पत्थर उत्पाद, हस्तनिर्मित सजावटी वस्तुएँ, लोककला से जुड़ी सामग्री तथा स्वयं सहायता समूहों व स्थानीय उद्यमियों के स्टॉल्स विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। ओडीओपी के अंतर्गत प्रदर्शित उत्पादों को खरीदारों द्वारा विशेष रूप से सराहा गया।
राजीविका जिला परियोजना प्रबंधक अशोक गोयल ने बताया कि मेले में राजीविका (त्ंरंेजींद त्नतंस स्पअमसपीववके डपेेपवद) के तहत कार्यरत स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय एवं प्रभावी सहभागिता रही। ग्रामीण क्षेत्रों से आए एसएचजी द्वारा निर्मित हस्तनिर्मित परिधान, कढ़ाई कार्य, पारंपरिक आभूषण, सजावटी सामग्री, घरेलू उपयोग की वस्तुएँ, खाद्य उत्पाद एवं हस्तशिल्प सामग्री को आगंतुकों ने विशेष पसंद किया, जिससे उनकी अच्छी बिक्री हुई।
पद्मश्री तगाराम भील की अलगोजा वादन प्रस्तुति बनी विशेष आकर्षण
ओडीओपी योजना के अंतर्गत आयोजित मरू उद्योग एवं हस्तशिल्प मेला, राज सखी मेला - 2026 की समापन की पूर्व संध्या पर शहीद पूनाम सिंह स्टेडियम, जैसलमेर में पद्मश्री सम्मानित लोक कलाकार तगाराम भील द्वारा अलगोजा वादन एवं लोकसंगीत की भव्य प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम के दौरान तगाराम भील ने अपनी विशिष्ट लोकगायकी एवं पारंपरिक अलगोजा वादन से मरुस्थलीय लोकसंस्कृति की सजीव झलक प्रस्तुत की। उनकी मनमोहक प्रस्तुति दर्शकों के लिए यादगार रही। आयोजकों ने बताया कि यह मेला स्थानीय मरू उद्योग, हस्तशिल्प, कारीगरों के प्रोत्साहन के साथ-साथ लोक कला एवं पारंपरिक वाद्ययंत्रों के संरक्षण एवं प्रचार का सशक्त माध्यम है।
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