जैसलमेर। महिला अधिकारिता विभाग, जैसलमेर के तत्वावधान में ’’महिला सशक्तिकरण हेतु सामाजिक कार्यकर्ता एवं गौर सरकारी संगठनो के साथ चर्चा विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या मे महिलाओं, और समाजिक कार्यकताओं ने भाग लिया।
बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा पर जोर
कार्यशाला को संबोधित करते हुए महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक अशोक कुमार गोयल ने ‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहित करना, उनकी शिक्षा को बढ़ावा देना और समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को मजबूत करना है। उन्होंने विशेष रूप से ‘शिक्षा सेतु’ योजना का जिक्र करते हुए ड्रॉप-आउट बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने की अपील की।
बाल विवाह मुक्त समाज का आह्वानः डायल करें 1098
बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक हिम्मत सिंह कविया ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से ही इसे समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने आमजन से अपील की किः
’’यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले, तो तत्काल Childline हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्यवाही की जा सके।’’
कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर
परियोजना प्रबंधक रमेश कुमार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विभाग द्वारा संचालित निःशुल्क पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि RSCIT, Tally और स्पोकन इंग्लिश जैसे कोर्स के माध्यम से महिलाएं अपना आत्मविश्वास बढ़ाकर बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकती हैं।
प्रभावी सहभागिता और आभार
कार्यशाला में हब से रानी चौहान, सखी केंद्र से दीपिका चौहान और पन्नाधाय योजना से प्रियंका ने भी अपने विचार साझा किए और विभागीय गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के अंत में सुपरवाइजर हाकम राम ने उपस्थित सभी प्रतिनिधियों और महिलाओं का आभार व्यक्त करते हुए सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया
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