जैसलमेर। सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष एवं मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय एवं देवस्थान विभाग राजस्थान के निर्देशानुसार सोमवार को जिलेभर में श्रद्धा, आस्था एवं सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन एवं देवस्थान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम जैसलमेर के ऐतिहासिक गड़ीसर स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में संपन्न हुआ।

     कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्ज्वलन एवं धार्मिक अनुष्ठानों के बीच विशेष पूजा-अर्चना एवं भव्य रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भगवान शिव का दुग्ध, दही एवं घृत से अभिषेक कर सुख-समृद्धि एवं राष्ट्र कल्याण की कामना की। मंदिर परिसर “ॐ नमः शिवाय” एवं वैदिक मंत्रों की गूंज से भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठा।

     रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना का आयोजन पंडित आदित्य केवलिया के आचार्यत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाजसेवी चन्द्रप्रकाश शारदा, सुशील जी व्यास, सुशील कुमार व्यास, मूलाराम चौधरी, चन्द्रप्रकाश व्यास, सहायक निदेशक पर्यटक स्वागत केन्द्र कमलेश्वर सिंह, डीओआईटी की उपनिदेशक जयश्री, देवस्थान विभाग जोधपुर के प्रबंधक डॉ. उमेश चन्द्र पुरोहित सहित जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के अंतर्गत सोमनाथ से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं माननीय मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं एवं आमजन ने अत्यंत उत्साह एवं श्रद्धा भाव के साथ देखा। प्रसारण के दौरान सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत एवं राष्ट्र स्वाभिमान से जुड़े संदेशों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।

        “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के माध्यम से भारतीय संस्कृति, आस्था एवं सनातन परंपराओं के संरक्षण और गौरव को पुनर्स्मरण कराने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम ने धार्मिक चेतना के साथ-साथ सांस्कृतिक एकात्मता एवं राष्ट्रीय गौरव की भावना को भी सुदृढ़ किया।

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