जैसलमेर। राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026” के तहत श्री तुलसी गोवर्धन निधि संस्थान, मूलसागर (जैसलमेर) में बुधवार को जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा एवं जनजागरूकता को समर्पित भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। सामाजिक सहभागिता, ग्रामीण जनभागीदारी एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेशों के साथ सम्पन्न हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं, गौसेवकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी रहे। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेन्द्र सिंह सांदू तथा संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग डॉ. उमेश वरगटीवार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता गौशाला संचालक मानव व्यास ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत गौमाता पूजन एवं जल संरक्षण संकल्प के साथ हुई। इसके तहत “हरियालो राजस्थान” अभियान के तहत पौधारोपण हेतु गड्ढे खोदे गए, गौशाला परिसर की साफ-सफाई की गई, पानी की खेलियों को स्वच्छ किया गया एवं गौमाताओं को हरा चारा खिलाया गया। कार्यक्रम स्थल पर “जल है तो कल है” एवं “जल बचाओ-जीवन बचाओ” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।
इस अवसर पर विधायक भाटी ने कहा कि राजस्थान जैसे मरुस्थलीय प्रदेश में जल का महत्व अत्यधिक है एवं जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है। उन्होंने ग्रामीणों से वर्षा जल संचयन अपनाने, जल के दुरुपयोग को रोकने एवं पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से जल संकट की चुनौती का प्रभावी समाधान संभव है।
अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सांदू ने कहा कि जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीणों को तालाबों, कुओं एवं अन्य जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग डॉ. वरगटीवार ने अपने संबोधन में कहा कि जल संरक्षण का सीधा संबंध पशुधन, कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जल उपलब्धता मजबूत होगी तो पशुपालन एवं खेती दोनों क्षेत्रों को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने गौशालाओं को सामाजिक चेतना एवं पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी केंद्र बताते हुए कहा कि ऐसे अभियान समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मानव व्यास ने कहा कि श्री तुलसी गोवर्धन निधि संस्थान केवल गौसेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं समाजहित के कार्यों में भी निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने युवाओं एवं ग्रामीणों से दैनिक जीवन में जल बचत को आदत बनाने तथा जल संरक्षण के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान परिसर में व्यापक वृक्षारोपण किया गया। अतिथियों, युवाओं एवं ग्रामीणों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा उनकी नियमित देखभाल का संकल्प लिया। साथ ही परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई की गई एवं स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया।
अभियान के तहत उपस्थित जनों को वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त वातावरण एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। ग्रामीणों एवं युवाओं ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने तथा समाज में व्यापक जागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम में संस्थान के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं, युवा एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। अंत में आयोजकों द्वारा मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं सभी उपस्थितजनों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया गया।
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