जैसलमेर । राज्य सरकार द्वारा संचालित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 के अंतिम दिवस एवं विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला पर्यावरण समिति, जैसलमेर द्वारा वन विभाग की डाबला नर्सरी में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला पर्यावरण समिति की अध्यक्ष एवं जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल के निर्देशानुसार तथा समिति के सदस्य सचिव एवं उप वन संरक्षक कुमार शुभम के निर्देशन में किया गया। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम “Inspired by Nature, For Climate, For Our Future” के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं जनजागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।

          कार्यक्रम में जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रश्मि रानी, उप वन संरक्षक कुमार शुभम, उपखंड अधिकारी सक्षम गोयल, समाजसेवी दलपत हिंगड़ा, वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के जिला संयोजक कंवराजसिंह चौहान, अधीक्षण अभियंता वाटरशेड कौशल पालीवाल, सहायक निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क प्रवीण प्रकाश चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, विद्यालयों के छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

        कार्यक्रम के दौरान उप वन संरक्षक कुमार शुभम ने जिला कलक्टर को डाबला नर्सरी का विस्तृत अवलोकन करवाया एवं नर्सरी में वितरण हेतु तैयार किए गए लगभग 3.50 लाख विभिन्न प्रजातियों के पौधों की जानकारी दी। उन्होंने नर्सरी में किए गए सुधारात्मक कार्यों जैसे सोलर सिस्टम, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट एवं आधुनिक स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि ये नवाचार ऊर्जा संरक्षण, जल प्रबंधन एवं जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देते हुए पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

         इस अवसर पर जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत बरगद का पौधा रोपित किया एवं ग्राम्य वन सुरक्षा एवं प्रबंध समिति की महिला सदस्यों को 11 तुलसी के पौधे वितरित किए। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ भी दिलाई।

         कार्यक्रम में स्कूली छात्रा द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा का प्रभावशाली संदेश दिया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा। बच्चों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से जल बचाने, वृक्ष लगाने एवं प्रकृति संरक्षण के महत्व को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया।

           इस दौरान जिला कलक्टर ने डाबला नर्सरी में स्थापित डिजिटल कियोस्क का उद्घाटन किया। उप वन संरक्षक कुमार शुभम ने बताया कि इस अभिनव पहल के माध्यम से आमजन एवं सरकारी विभागों को वन विभाग की नर्सरियों, उपलब्ध पौधों, विभिन्न प्रजातियों तथा पौधे प्राप्त करने की प्रक्रिया संबंधी जानकारी एक ही स्थान पर सहजता से उपलब्ध हो सकेगी। यह डिजिटल व्यवस्था पर्यावरणीय सेवाओं को अधिक सुलभ एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

          कार्यक्रम के तहत विद्यालयी बच्चों को नर्सरी का शैक्षणिक भ्रमण भी करवाया गया। भ्रमण के दौरान बच्चों को विभिन्न पौध प्रजातियों, उनके उत्पादन, संरक्षण एवं रख-रखाव की प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। साथ ही पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में वृक्षों की महत्वपूर्ण भूमिका से भी अवगत कराया गया। इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, संरक्षण की भावना एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारी विकसित करना रहा।

           विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में जिले के गांधी बाल विद्या मंदिर विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई एवं विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया।

जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने कहा कि प्रकृति हमारी सबसे बड़ी धरोहर है। यदि हम आज जल और पर्यावरण का संरक्षण करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित एवं समृद्ध भविष्य मिल सकेगा। हमें अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, जल बचाने तथा प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का सामूहिक संकल्प लेना होगा।

          उन्होंने कहा कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान ने जैसलमेर जिले में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है। अभियान के दौरान विभिन्न विभागों, संस्थाओं एवं आमजन की सक्रिय सहभागिता से जल संरक्षण, वृक्षारोपण एवं पर्यावरणीय जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।

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