जैसलमेर । राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर 2026 के तहत ग्राम पंचायत छत्रैल में आयोजित शिविर ने पशुपालकों की वर्षों पुरानी समस्या का त्वरित समाधान कर प्रशासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं पशुपालकों ने शिविर प्रभारी राजेन्द्र करण, तहसीलदार जैसलमेर को अवगत कराया कि स्थानीय पशु चिकित्सा संस्था में पद रिक्त होने के कारण पशुओं के उपचार, टीकाकरण एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध नहीं हो पा रही थीं। इससे क्षेत्र के पशुपालकों को अपने पशुओं के उपचार के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती थी।

ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए राजेन्द्र करण ने तत्काल संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, जैसलमेर डॉ. उमेश वरंगटीवार से समन्वय स्थापित कर समस्या के समाधान का आग्रह किया। जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए डॉ. उमेश वरंगटीवार ने त्वरित निर्णय लेकर दामोदरा में कार्यरत पशुधन निरीक्षक जसविंद्र बैरवा की सप्ताह में तीन दिन छत्रैल में प्रतिनियुक्ति स्वीकृत कर दी।

प्रशासन की इस संवेदनशील एवं त्वरित कार्रवाई से पशुपालकों को उनके गांव में ही नियमित पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होने का मार्ग प्रशस्त हुआ। निर्णय की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों एवं पशुपालकों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने राज्य सरकार तथा प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

शिविर के दौरान डॉ. राकेश कुमार, पशु चिकित्सा अधिकारी पीथला ने पशुपालकों को मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, पशुधन स्वास्थ्य प्रबंधन तथा समय पर टीकाकरण के महत्व की विस्तृत जानकारी दी। वहीं पशुधन निरीक्षक नवीन सियाक एवं अंकित प्रजापत द्वारा पशुओं का पंजीकरण कर औषधि वितरण एवं बीमा योजना से जोड़ने की कार्यवाही भी की गई।

छत्रैल में हुआ यह समाधान केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि पशुपालकों के जीवन को सरल बनाने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण, रोग नियंत्रण, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि तथा पशुपालक परिवारों की आर्थिक सुरक्षा को नया संबल मिलेगा। ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की मंशा इस पहल के माध्यम से सार्थक होती दिखाई दे रही है।          

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