जैसलमेर । जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ ब्लॉक के ग्राम काठोड़ी में मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना ने संकट की घड़ी में पशुपालकों के लिए वास्तविक सुरक्षा कवच का काम किया है। पशुपालन पर निर्भर ग्रामीण परिवारों के लिए पशु केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि उनकी सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। ऐसे में पशु की आकस्मिक मृत्यु से परिवार गहरे आर्थिक संकट में आ जाता है। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में राज्य सरकार की यह योजना प्रभावित परिवारों के लिए संबल बनकर सामने आई।

         हाल ही में आयोजित ग्राम सेवा शिविर-2026 के दौरान जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी ने लाभार्थी पशुपालकों को बीमा क्लेम राशि एवं पट्टों का वितरण किया। सहायता राशि प्राप्त करते समय लाभार्थियों के चेहरों पर दिखी राहत और संतोष इस योजना की सफलता की सजीव तस्वीर प्रस्तुत कर रही थी। शिविर का संचालन सह-प्रभारी तहसीलदार मोहनगढ़ ललित चारण एवं खंड विकास अधिकारी नाथू सिंह के निर्देशन में किया गया।

        इस उपलब्धि के पीछे पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. ममता चंदेल एवं पशु परिचर तीरथराम की सतत जागरूकता और जनसंपर्क प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने गांव-गांव जाकर पशुपालकों को योजना के लाभों से अवगत कराया। परिणामस्वरूप काठोड़ी में अब तक 95 बीमा पॉलिसियां वितरित की जा चुकी हैं एवं 420 से अधिक पशुओं को बीमा सुरक्षा प्रदान की गई है।

        योजना के अंतर्गत गांव के 15 प्रभावित परिवारों को कुल 2 लाख 50 हजार रुपए की क्लेम राशि का भुगतान किया गया। राधा, शांति और झामू को 27-27 हजार रुपए, हुआ, सरिता और मीना को 24-24 हजार रुपए की सहायता राशि मिली। वहीं अन्य लाभार्थियों को भी पशु श्रेणी के अनुसार 4 हजार से 21 हजार रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

        लाभार्थियों ने बताया कि पशु की मृत्यु के बाद उत्पन्न आर्थिक संकट से उबरने में यह सहायता उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुई है। क्लेम राशि से वे नया पशु खरीदकर अपने रोजगार को पुनः स्थापित कर सकेंगे। उन्होंने योजना के प्रति जागरूक करने वाले अधिकारियों का विशेष आभार व्यक्त किया।

         ग्राम काठोड़ी की यह कहानी दर्शाती है कि जब सरकारी योजनाएं संवेदनशील प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और कर्मठ अधिकारियों के समन्वय से धरातल पर उतरती हैं, तो वे केवल सहायता नहीं देतीं, बल्कि टूटते हुए परिवारों को नया आत्मविश्वास और आजीविका का नया आधार भी प्रदान करती हैं। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना आज ग्रामीण पशुपालकों के लिए सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है।

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