जैसलमेर । राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच एवं संवेदनशील प्रशासन की भावना को धरातल पर साकार करने के उद्देश्य से जिले में संचालित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 का सोमवार को जिला प्रभारी सचिव एवं राजस्थान राज्य बुनकर संघ लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महावीर प्रसाद मीणा ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पंचायत बड़ाबाग एवं लाठी में आयोजित शिविरों का दौरा कर विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों का जायजा लिया तथा ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं समाधान की स्थिति की जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने शिविर में स्थापित 22 विभागों के काउंटरों का अवलोकन किया एवं अधिकारियों से प्राप्त प्रकरणों, उनके निस्तारण एवं लंबित मामलों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि अधिकतम समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर आमजन को राहत पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल हैं और इन शिविरों के माध्यम से आमजन को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उनके गांव में ही उपलब्ध कराया जा रहा है।
सरकार की मंशा है, समस्या का समाधान गांव में ही हो
प्रभारी सचिव मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासन को आमजन के द्वार तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रामीण सेवा शिविर इसी सोच का परिणाम हैं, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर उपस्थित होकर ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शिविरों में स्वयं उपस्थित रहकर गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करें।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि ग्रामीणों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसके लिए शिविरों में ही अधिकतम प्रकरणों का निस्तारण किया जाए। इससे न केवल लोगों का समय और धन बचेगा, बल्कि प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा।
ग्रामीणों से लिया फीडबैक, शिविरों की सराहना
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव जाने। ग्रामीणों ने बताया कि शिविरों के आयोजन से वर्षों से लंबित अनेक समस्याओं का मौके पर समाधान हो रहा है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
ग्रामीणों ने बताया कि राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, आवास, पशुपालन, जल, बिजली एवं अन्य विभागों से संबंधित कार्यों का त्वरित निस्तारण होने से उन्हें सुविधा मिल रही है एवं प्रशासन गांव स्तर पर पहुंचने से जनसुनवाई की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी हुई है।
लाभार्थियों को वितरित किए पट्टे, चेक एवं बीमा पॉलिसी
इस अवसर पर जिला प्रभारी सचिव ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को लाभान्वित भी किया। उन्होंने पात्र ग्रामीणों को आवासीय भूखंडों के पट्टे, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की द्वितीय किस्त के चेक एवं मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत पशुपालकों को बीमा पॉलिसी पत्र वितरित किए।
लाभार्थियों ने सरकार की इन जनहितकारी योजनाओं को ग्रामीण विकास एवं सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए खुशी व्यक्त की।
ये रहे उपस्थित
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेन्द्र सिंह सादू, उपखंड अधिकारी हीर सिंह, तहसीलदार राजेंद्र करण, तहसीलदार हजारा राम, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. उमेश वर्गटीवार, महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक अशोक गोयल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही संबंधित ग्राम पंचायतों के बड़ी संख्या में ग्रामीणजन भी शिविरों में मौजूद रहे।
जनकल्याण और सुशासन की मजबूत कड़ी बन रहे ग्रामीण सेवा शिविर
ग्रामीण सेवा शिविर-2026 जिले में सुशासन, जवाबदेही और जनसुनवाई की प्रभावी व्यवस्था के रूप में उभर रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी कम हुई है एवं लोगों को उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान मिल रहा है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे और कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।
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