जैसलमेर । राज्य वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण के लिए वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत क्षेत्रीय वन अधिकारी, जैसलमेर ने अवैध लकड़ी परिवहन के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए गीली खेजड़ी की लकड़ी से भरे एक ट्रैक्टर को जब्त किया है। इस कार्रवाई से अवैध कटाई एवं परिवहन में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।
क्षेत्रीय वन अधिकारी ने बताया कि 1 जुलाई की रात्रि लगभग 9 बजे नियमित गश्त के दौरान खुहड़ी रोड पर ट्रैक्टर संख्या आरजे-15-आरए-4008 संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिया। जांच के लिए वाहन को रोकने का प्रयास किया गया तो चालक ट्रैक्टर को मौके पर छोड़कर अंधेरे का लाभ उठाते हुए फरार हो गया।
जांच में ट्रैक्टर पूरी तरह गीली खेजड़ी की लकड़ी से लदा हुआ पाया गया। वन विभाग ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय पहुंचाया एवं अवैध लकड़ी परिवहन के संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार प्रकरण दर्ज किया। मामले की गंभीरता एवं बरामद लकड़ी की मात्रा को देखते हुए ट्रैक्टर को अधिग्रहण की कार्रवाई के लिए न्यायालय, सहायक वन संरक्षक कार्यालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है।
घटना के अगले दिन 2 जुलाई को प्रातः लगभग 10:30 बजे कुछ व्यक्ति वन विभाग कार्यालय पहुंचे और जब्त लकड़ी को श्मशान घाट में उपयोग के लिए ले जाने योग्य बताते हुए वाहन छोड़ने का आग्रह किया। हालांकि वे लकड़ी के स्रोत अथवा उसके परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ के दौरान उनके द्वारा पेड़ों की कटाई को लेकर की गई टिप्पणी को भी गंभीरता से लिया गया है एवं इस संबंध में नियमानुसार कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
उप वन संरक्षक, जैसलमेर ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय वन अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष निगरानी दल गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलेभर में दिन-रात नियमित गश्त बढ़ाने तथा राज्य वृक्ष खेजड़ी सहित अन्य गैर-टीपी मुक्त वृक्षों की अवैध कटाई एवं परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य वृक्ष खेजड़ी प्रदेश की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है। इसके संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अवैध गतिविधि को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध कटाई और परिवहन पर वन विभाग की सख्त कार्रवाई भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी।
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