जैसलमेर । राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी पहल ग्रामीण सेवा शिविर 2026 अब केवल सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि सामाजिक समरसता, पारिवारिक सौहार्द और आपसी विश्वास को मजबूत करने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। ग्राम पंचायत जेठवाई में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर इसका जीवंत उदाहरण बना, जहां वर्षों से लंबित पैतृक कृषि भूमि के बंटवारे का विवाद आपसी सहमति से सुलझने पर एक परिवार को बड़ी राहत मिली और रिश्तों में फिर से मिठास लौट आई।

              ग्राम पंचायत जेठवाई निवासी जुगताराम, जवाराम, प्रेम एवं देवाराम के बीच पैतृक कृषि भूमि के बंटवारे को लेकर लंबे समय से मतभेद चले आ रहे थे। आपसी सहमति नहीं बनने के कारण भूमि विभाजन का मामला वर्षों से लंबित था, जिससे परिवार को लगातार मानसिक तनाव और असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।

             ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान प्रशासन ने संवेदनशील पहल करते हुए परिवार के सभी पक्षों, वरिष्ठजनों, ग्रामीणों एवं समाज के गणमान्य लोगों को एक मंच पर बैठाकर संवाद की सकारात्मक प्रक्रिया शुरू कराई। प्रशासन की निष्पक्ष समझाइश और सहयोग से सभी पक्ष आपसी सहमति पर पहुंचे और वर्षों पुराना विवाद सौहार्दपूर्ण वातावरण में समाप्त हो गया।

           शिविर में तहसीलदार जैसलमेर राजेन्द्रकरण सिंह, भूमि अभिलेख निरीक्षक विनीता शर्मा तथा पटवारी लोकेन्द्र सिंह ने राजस्व नियमों के अनुरूप बंटवारे की संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण कराते हुए राजस्व अभिलेखों में आवश्यक संशोधन भी दर्ज करवाए। इससे परिवार को कानूनी रूप से भूमि का स्पष्ट अधिकार प्राप्त हुआ और भविष्य के विवादों की संभावना भी समाप्त हो गई।

         समाधान के बाद परिवार के सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से जिस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था, वह ग्रामीण सेवा शिविर में प्रशासन की सकारात्मक पहल और निष्पक्ष प्रयासों से सहज रूप से संभव हो गया। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं शिविर से जुड़े अधिकारियों एवं राजस्व टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के लिए वास्तव में राहत और विश्वास का माध्यम बन रहे हैं।

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