जैसलमेर । ग्रामीण सेवा शिविर 2026 के तहत ग्राम पंचायत मुख्यालय बांधेवा में आयोजित शिविर वर्षों से लंबित राजस्व विवादों के समाधान का प्रभावी मंच बनकर उभरा। शिविर में इमामनगर निवासी अली खान पुत्र मेगेखां, कमाल खां पुत्र अलशेर खां एवं रहमतुल्ला पुत्र अलादीन की करीब 30 वर्षों से विवादित शामलाती कृषि भूमि का प्रकरण आपसी सहमति से सुलझा दिया गया, जिससे तीनों परिवारों को बड़ी राहत मिली।
वर्षों से चले आ रहे इस विवाद के कारण लाभार्थियों को कृषि कार्य करने, मकान निर्माण कराने तथा अपनी भूमि का समुचित उपयोग करने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। जैसे ही उन्हें ग्रामीण सेवा शिविर की जानकारी मिली, वे अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचे और अपनी समस्या शिविर प्रभारी दलजीत कुमार आलोरिया, तहसीलदार फलसूण्ड एवं सह शिविर प्रभारी हनुमान राम चौधरी, विकास अधिकारी के समक्ष रखी।
अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। हल्का पटवारी पिंकी एवं भू-अभिलेख निरीक्षक शकूर खान मेहर ने सभी सहखातेदारों से संवाद कर उन्हें आपसी सहमति से भूमि विभाजन के लिए राजी किया। वर्तमान कब्जा एवं काश्त के आधार पर विभाजन प्रस्ताव तैयार कर संबंधित पक्षों के हस्ताक्षर करवाए गए और प्रस्ताव तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
तहसीलदार दलजीत कुमार आलोरिया ने सभी सहखातेदारों की सहमति के आधार पर विभाजन प्रस्ताव को तत्काल स्वीकृति प्रदान की। स्वीकृति के बाद पटवारी द्वारा बिना विलंब राजस्व अभिलेखों में नामांतरण एवं आवश्यक तरमीम दर्ज कर दी गई, जिससे वर्षों से चला आ रहा विवाद समाप्त हो गया और खातेदारों को उनकी भूमि का स्पष्ट अधिकार प्राप्त हो गया।
भूमि विवाद समाप्त होने से अली खान, कमाल खां एवं रहमतुल्ला के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि जिस समस्या का समाधान तीन दशकों तक नहीं हो पाया, वह ग्रामीण सेवा शिविर में एक ही दिन में हो गया। उन्होंने शिविर प्रभारी, सह शिविर प्रभारी, राजस्व अधिकारियों तथा राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ग्रामीण सेवा शिविर को आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी एवं जनकल्याणकारी पहल बताया।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत बांधेवा की सरपंच रहीमों सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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