जैसलमेर । दूरस्थ रेगिस्तानी क्षेत्र में रहने वाले अनेक ग्रामीणों के लिए अपनी जमीन का वैधानिक मालिकाना हक केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और भविष्य का भरोसा होता है। पंचायत समिति फतेहगढ़ की ग्राम पंचायत उत्तम नगर (मुख्यालय कराड़ा) के निवासी बाल सिंह पुत्र ओनाड सिंह के लिए भी यह सपना वर्षों से अधूरा था। वे लंबे समय से आबादी भूमि का पट्टा प्राप्त करने के लिए प्रयासरत थे, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रियाओं और औपचारिकताओं के कारण उन्हें सफलता नहीं मिल पा रही थी।

      राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर 2026 ने उनकी वर्षों पुरानी इस समस्या का समाधान कर दिया। शिविर में अपनी व्यथा लेकर पहुंचे बाल सिंह की समस्या का जिला प्रशासन ने गंभीरता और संवेदनशीलता से संज्ञान लिया।

      शिविर के निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने मामले की जानकारी प्राप्त कर राजस्व अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर के निर्देशों की अनुपालना में उपखंड अधिकारी भरतराज गुर्जर, तहसीलदार एवं शिविर प्रभारी नखत सिंह तथा सहायक शिविर प्रभारी मेहराराम सहित राजस्व टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी औपचारिकताएं पूर्ण कीं।

     सबसे भावुक क्षण तब आया, जब जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने स्वयं अपने हाथों से बाल सिंह को आबादी भूमि का पट्टा सौंपा। वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त होने पर उनके चेहरे पर खुशी और संतोष साफ झलक रहा था। परिवार के लिए यह पल किसी उत्सव से कम नहीं था।

      भावुक होकर बाल सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान इतनी सहजता और पारदर्शिता से हो जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मेरे लिए यह किसी भगवान के वरदान से कम नहीं है। अब मुझे अपनी जमीन का अधिकार मिल गया है और भविष्य की चिंता भी समाप्त हो गई है।

      यह सफलता इस बात का सशक्त उदाहरण है कि ग्रामीण सेवा शिविर 2026 केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का मंच नहीं, बल्कि ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। ऐसे शिविर ग्रामीणों के जीवन में विश्वास, सम्मान और सुशासन की नई उम्मीद जगा रहे हैं।

Source: