जैसलमेर । राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तावित राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 के संबंध में आमजन, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न हितधारकों से सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया के तहत सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट स्थित डीओआईटी वीसी सभागार में जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। प्रारुप समिति सदस्या डॉ. शुचि चौहान ने संम्भाग स्तर पर समान नागरिक संहिता के सम्बन्ध में वीसी की। जिला स्तर पर जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी के साथ ही जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, धर्म गुरुओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जनसुनवाई के दौरान समान नागरिक संहिता के संबंध में विस्तार से सुझाव प्रस्तुत किए।
जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी ने जन सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के समान नागरिक संहिता-2026 का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनभागीदारी नीति निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग की भावनाओं, अपेक्षाओं एवं सुझावों को सम्मानपूर्वक शामिल करते हुए एक ऐसी नीति तैयार करना है, जो न्याय संगत, समावेशी एवं जनहितकारी हो।
जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने कहा कि नागरिक समान संहिता के संबंध में जनप्रतिनिधियों के साथ ही धर्म गुरुओं, समाजसेवी संगठनों के पदाधिकारियों, शिक्षाविदों द्वारा इस सम्बन्ध में सुझाव प्रस्तुत किए है, उनका गंम्भीरतापूर्वक परीक्षण किया जाएगा एवं उन्हें राज्य सरकार को प्रेषित किया जाएगा।
उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग इस महत्वपूर्ण विषय पर अपने सुझाव एवं आपत्तियां निर्धारित माध्यमों से उपलब्ध कराएं, ताकि व्यापक जनभागीदारी के साथ प्रभावी एवं सर्वस्वीकार्य नीति का निर्माण किया जा सके।
उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी सुझावों को जिला प्रशासन द्वारा व्यवस्थित रूप से संकलित किया गया। सभी सुझाव राज्य सरकार को प्रेषित किए जाएंगे, जहां विशेषज्ञ स्तर पर उनका परीक्षण कर आवश्यकतानुसार नीति निर्माण में समाहित किया जाएगा।
जैसलमेर जिला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोधपुर में आयोजित संम्भाग स्तरीय जनसुनवाई से जुड़ा। इस दौरान समान नागरिक संहिता के विभिन्न प्रावधानों, बहु विवाह पूर्ण रोक, लीवइन रिलेशनशिप का अनिवार्य पंजीकरण, भरण पौषण की समान व्यवस्था, विवाह और विवाह विच्छेद/तलाक का अनिवार्य पंजीकरण, पैतृक संपति में बेटा-बेटी का समान अधिकार के साथ ही सामाजिक समरसता, महिला अधिकारों, पारिवारिक कानूनों, उत्तराधिकार, विवाह, न्यायिक समानता एवं जनहित से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ एवं सुझावों को प्राप्त किया। जनसुनवाई में जनप्रतिनिधियों, धर्म गुरुओं, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों ने अपने अनुभवों एवं सुझावों के माध्यम से विषय के विभिन्न आयामों पर सार्थक विचार रखे एवं सुझाव प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे, अतिरिक्त जिला कलक्टर परसाराम सैनी, मुख्य कार्यकारी जिला परिषद अधिकारी रश्मि रानी, युआईटी सचिव, सुखराम पिण्डेल, उपखण्ड अधिकारी भरतराज गुर्जर, पोकरण हीर सिंह चारण, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र सिंह सांदू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, धर्म गुरु, शिक्षाविद एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जोधपुर में आयोजित संम्भाग स्तरीय जनसुनवाई की अध्यक्षता डॉ. शुचि चौहान ने की। इस अवसर पर गृह विभाग की संयुक्त शासन सचिव अंजलि राजोरिया, संम्भागीय आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
जनसुनवाई का उद्देश्य प्रस्तावित राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 पर समाज के विभिन्न वर्गों की राय प्राप्त कर व्यापक जनसहमति एवं सहभागिता के आधार पर प्रभावी, पारदर्शी और जनकल्याणकारी नीति निर्माण की दिशा में सार्थक पहल सुनिश्चित करना रहा।
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