जैसलमेर। ग्राम पंचायत छोड़ में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर 20 खातेदारों के लिए असली भूमि का स्वामित्व देने वाला साबित हुआ। वर्षो से अपने हक की भूमि की आश लिए बैठे 20 खातेदारों को शिविर की बदौलत उनके हक की भूमि का असली मालिकाना हक मिल गया। इन सभी परिवारों ने संवेदनशील मुख्यमंत्री जी के साथ ही राजस्व प्रशासन का आभार जताया एव कहा कि आज हम को बहुत बड़ी राहत बिना खर्चे के मिली है।
इन खातेदारों ने शिविर प्रभारी उपखण्ड अधिकारी भरत राज गुर्जर एवं नायब तहसीलदार महेश कुमार के समक्ष आपसी सहमति से बंटवारा करने के संबंध मे प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया तो उपखण्ड अधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए भू-अभिलेख निरीक्षक एव पटवारी को दोनों सहमति बंटवारा मे बंटवारा प्रकरण तैयार कर नई जमाबंदी बनाने के निर्देया दिए।
पटवारी ने आरबखां, दीनेखा, मोयबखा, यारेखां, रहीमखां पुत्र खेतेखां व इतिया पत्नी सायरा की सामलाती भूमि का बंटवारा प्रकरण तैयार किया। वहीं दूसरे प्रकरण में अमीन, सलीम, खुदा बक्श, मोल्लाह बक्श पुत्र मिश्रीखां, फतन पुत्र पीरुखां, सबीरा पत्नी जलाल खां, हसीना पत्नी सिबानखां, दिलजाना पुत्र सिबानखां, साजन, उम्मेद अली, कादूखां पुत्र शरीफखा, जिया पत्नी शरीफखां, आलम पुत्र पीरुखां के सामलाती भूमि का आपसी सहमति से बंटवारा प्रकरण तैयार कर नई जमाबंदी बनवाई।
शिविर मे उपखण्ड अधिकारी भरत राज गुर्जर, नायब तहसीलदार महेश कुमार, विकास अधिकारी महेश सिंह राठौड़ ने सभी खातेदारो को सहमति बंटवारा पत्र एवं नई जमाबंदी की प्रति प्रदान की। सभी खातेदारों के चेहरो पर खुशी छा गयी एवं कहा कि जिस भूमि को लेकर हमारे परिवार में कई बार झगड़े होते थे, लेकिन सरकार द्वारा चलाए गये ग्रामीण सेवा शिविर की बदौलत आज उन्हे असली न्याय मिला हैं एवं भूमि का असली मालिकाना हक मिला है, इससे ज्यादा हमारे लिए खुशी क्या हो सकती है। उन्हांेने इस कार्य के लिए मुख्यमत्री जी के साथ ही राजस्व प्रशासन के अधिकारियांे का तहेदिल से आभार जताया। इस प्रकार छोड़ का शिविर इन खातेदारो के लिए भूमि के मामले मे वरदान साबित हुआ।
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