जैसलमेर । राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच और जिला प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का सशक्त उदाहरण ग्राम पंचायत बोहा में आयोजित फॉलोअप ग्रामीण सेवा शिविर में देखने को मिला। यह शिविर केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अनेक ग्रामीण परिवारों के जीवन में नई उम्मीद, नया विश्वास और उज्ज्वल भविष्य की सौगात लेकर आया।
शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि श्रीमती टीपू पत्नी दान सिंह को धारा 157(क) के तहत आवासीय भूखंड का पट्टा प्रदान किया जाना रहा। वर्षों से अपने आशियाने का सपना संजोए बैठा यह परिवार जब पट्टा हाथ में लेकर लौटा, तो उनके चेहरे की खुशी हर किसी के लिए प्रेरणा बन गई। यह पट्टा केवल भूमि का दस्तावेज नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य का आधार बन गया।
श्रीमती टीपू ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से वे अपने घर के अधिकार की प्रतीक्षा कर रही थीं, जो अब ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि अब उनका परिवार अपने सपनों का पक्का आशियाना बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा।
शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजनादृग्रामीण के तहत 7 यूसी एवं 9 सीसी जारी कर पात्र परिवारों के पक्के घरों के सपनों को नई गति प्रदान की गई। वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत 6 नए पात्र लाभार्थियों के नाम जोड़े गए एवं आईएचएचएल ¼IHHL½योजना के तहत व्यक्तिगत शौचालयों की स्वीकृतियां जारी कर स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।
यह सफल आयोजन तहसीलदार महेंद्र खत्री के कुशल नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। शिविर के सहायक प्रभारी हुकमा राम मंगल, ग्राम पंचायत बोहा के प्रशासक सवाई सिंह भाटी, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से शिविर जनसेवा का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा।
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