कोटा। कोटा सर्किल फोर्थ के डिप्टी पुलिस सुपरिटेंडेंट मनीष शर्मा की टीम को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मां-बेटी की सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी कुछ ही घंटों में सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि इस प्रकरण के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नियति शर्मा और पुलिस उपाधीक्षक योगेश शर्मा के सुपरविजन में 16 पुलिस टीमों का गठन किया गया था। जांच टीमों में थाना आरकेपुरम प्रभारी महेंद्र मारू, आनंदपुर थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह, महावीर नगर सीआई रमेश कविया, हेड कांस्टेबल अजय, सुरेश, श्यामवीर, कांस्टेबल अशोक, तथा साइबर टीम के एएसआई रईस मोहम्मद, कांस्टेबल धर्मराज, रामनिवास, रामसिंह, नरेश, अजय, संतोष, ओम, अंकित, फरसाराम और बुधराम शामिल थे। सभी टीमों ने अलग-अलग एंगल से जांच करते हुए पूरे मामले का खुलासा किया।

जांच में सामने आया कि हत्या कर्ज नहीं चुकाने के विवाद में की गई थी। पुलिस ने इस मामले में खानपुर (जिला झालावाड़) निवासी प्रदीप वैष्णव और भरत सहरिया को गिरफ्तार किया है।

हत्या की वारदात इस तरह हुई

पुलिस पूछताछ में आरोपी प्रदीप वैष्णव ने बताया कि वह मृतका ज्योति वैष्णव को कई वर्षों से जानता था और कोटा आने पर उससे मुलाकात भी करता था। कुछ महीने पहले उसने ज्योति को कुछ पैसे उधार दिए थे, लेकिन जब उसने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया तो दोनों के बीच विवाद हो गया और बातचीत बंद हो गई। इसी रंजिश में प्रदीप ने ज्योति की हत्या की योजना बनाई।

हत्या से एक दिन पहले आरोपी मृतका के घर आए थे, लेकिन मौका न मिलने पर वापस लौट गए। 7 नवंबर 2025 को जब ज्योति का पति घर से बाहर गया, तब आरोपी दोबारा घर पहुंचे। ज्योति को रसोई में अकेला पाकर उन्होंने चुन्नी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। उसी समय स्कूल से घर लौटी पलक (ज्योति की बेटी) ने अपनी मां की हत्या होते देख ली। पलक के चिल्लाने पर आरोपियों ने उसका भी गला दबाकर हत्या कर दी।

हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने ज्योति का मंगलसूत्र, कानों के टॉप्स और अलमारी में रखे अन्य कीमती सामान लूटकर फरार हो गए।

पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है। इस त्वरित कार्रवाई के लिए डीएसपी मनीष शर्मा की टीम की सराहना की जा रही है।

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