शाइन इंडिया फाउंडेशन के नेत्रदान,अंगदान, देहदान जागरुकता अभियान से प्रेरित होकर अब शहर में देहदान करने वालों की संख्या भी दिन-ब-दिन बढ़ने लगी है । संस्था के प्रयासों से हाडोती संभाग के 350 से अधिक लोग अपना देहदान संकल्प पत्र संस्था के साथ भर चुके हैं । संस्था अपने स्व प्रयासों से 40 से अधिक देहदान भी, संबंधित क्षेत्रों के मेडिकल कॉलेज में करा चुकी है।
डेढ़ वर्ष पूर्व आशीर्वाद आनंदम,आर के पुरम निवासी सहगल परिवार के तीनों बेटे योगेश,नागेश और राजेश सहगल और बहुएं कविता,प्रमिला,राजन की सहमति से माँ मंगला सहगल ने अपना देहदान संकल्प पत्र भरा था ।
उसी दिन योगेश चंद्र सहगल व कविता सहगल ने अपनी माँ के देहदान संकल्प से प्रेरित होकर अपना भी देहदान संकल्प पत्र शाइन इंडिया के साथ भर दिया था ।
सोमवार शाम मंगला सहगल ने अपनी अंतिम सांस ली। चिकित्सकों द्वारा मृत्यु की पुष्टि करते ही, पुत्र योगेश ने तुरंत ही शाइन इंडिया फाउंडेशन को संपर्क कर, माता जी मंगला के देहदान संकल्प को पूरा करवाने की इच्छा जताई।
डॉ गौड़ ने तुरंत ही, चिकित्सकिय परीक्षण कर मंगला सहगल की देह को सुबह तक संरक्षित करने के दिशा निर्देश दिए और उसी समय नेत्रदान का कार्य संपन्न करवाया।
मंगलवार सुबह 11 बजे, परिवार के सभी सदस्यों की सहमति से निवास स्थान से मंगला सहगल की अंतिम यात्रा सुधा मेडिकल कॉलेज में पहुंची, जहां के भावी चिकित्सकों ने दिवंगत मंगला सहगल की मृत देह पर पुष्प वर्षा और नमन कर,उनकी मृत देह को मूक शिक्षक के रूप में स्वीकार किया।
मेडिकल ऑफिसर विशाल जैन ने देह प्राप्ति के उपरांत शोकाकुल परिवार के सदस्यों को मेडिकल कॉलेज की ओर से प्रशस्ति पत्र भेंट किया। ज्ञात हो कि बीते दो दिनों में शाइन इंडिया के माध्यम से यह शहर का दूसरा देहदान है। शनिवार को स्व० ज्ञानेंद्र विजय का भी देहदान संस्था के माध्यम से हुआ था।
शाइन इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक, डॉ कुलवंत गौड़ ने बताया कि, हाडोती संभाग के बूंदी,बारां और झालावाड़ जिले में सबसे पहला देहदान करवाने का श्रेय शाइन इंडिया फाउंडेशन को जाता है । संस्था के प्रयास से बूंदी में दो देहदान,बारां में एक और झालावाड़ जिले में 6 देहदान,कोटा के सुधा हॉस्पिटल में चार और कोटा मेडिकल कॉलेज में 10 से अधिक देहदान संपन्न कराए गए है।
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