कोटा। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक डॉ. प्रभात कुमार सिंघल राजस्थान के हाड़ौती अंचल के कोटा,बारां,बूंदी एवं झालावाड़ जिलों के सभी कवियों एवं साहित्यकारों के परिचय कोश तैयार कर रहे हैं। इसका उद्देश्य समस्त साहित्यकारों का परिचय एक जगह उपलब्ध करवाना है। सभी साहित्यकारों से उनका परिचय 28 फरवरी तक भेजने को कहा गया है। कुछ साहित्यकारों का संक्षिप्त परिचय यहां दिया जा रहा है।
डॉ. रघुराज सिंह कर्मयोगी, कोटा :
डॉ.रघुराज सिंह कर्मयोगी का जन्म उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के आंवलखेड़ा गांव में पिता स्व. मूलचंद कर्मयोगी के परिवार में 9 अगस्त 1951 को हुआ। आपने इंटरमीडिएट विज्ञान और यांत्रिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कर पीएच. डी. की उपाधि प्राप्त की है। आप हिंदी,अंग्रेजी, संस्कृत, ब्रजभाषा के ज्ञाता है और गद्य - पद्य विधाओं में कहानियाँ ,उपन्यास, नाटक, बाल कहानियां, ,गीत, निबंध लिखते हैं। आपने हिंदी भाषा में रेलवे से संबंधित तकनीकी विषयों पर 6 पुस्तकों के साथ-साथ 15 साहित्यिक पुस्तकें हिंदी लिखी हैं। रेलवे तकनीकी पुस्तकें : वैगन मेंटीनेंस टैक्नोलॉजी ,पैसेंजर कोच मेंटीनेंस टैक्नोलॉजी ,आधुनिक वैगनों का रखरखाव एवं कार्य सिद्धांत ,आधुनिक कैरिज एवं वैगन परीक्षा गाइड उभयनिष्ठ प्रश्नोत्तरी सहित,रेलवे लोको इंजनों का संचालन एवं कार्य सिद्धांत उभयनिष्ठ प्रश्नोत्तरी सहित एवं बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर। साहित्यिक पुस्तकें : थाम लो तिरंगा-शौर्यगाथाएं , (कहानी संग्रह ) मटकी भर पानी, एकलव्य,सीता लौट आओ (बाल कहानी संग्रह) शिक्षा ही धन है, दादी घर चलो,,लघुकथा संग्रह ओठों की थरथराहट,
नानी दादी की वैज्ञानिक अनमोल बाल कहानियां और घमंडी हाथी दादा (नाटक संग्रह) देहदान, (निबंध संग्रह) चंबल का कलरव, :(उपन्यास) नीले आसमान की परछाई, पिघलते हिम शिखर, काव्य संग्रह सिसकती आहटें ,नैनों की मत सुनियो।
अपने चार स्मारिकाओं का संपादन भी किया है तथा 18 साझा संकलनों सहित अनेक पत्र - पत्रिकाओं में आपकी रचनाएं प्रकाशित हुई हैं। आकाशवाणी केंद्र से भी रचनाएं का प्रसारण हुआ है। आपको भारतेंदु समिति कोटा द्वारा "साहित्य श्री", आज का एकलव्य कहानी संग्रह पर मुंशी प्रेमचंद कथा साहित्य पुरस्कार,
पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी शिलांग, मेघालय में शिखर सम्मान, रेल मंत्रालय द्वारा पैसेंजर कोच मेंटीनेंस टेक्नोलॉजी पुस्तक के लिए लाल बहादुर शास्त्री तकनीकी मौलिक लेखन प्रथम पुरस्कार , विश्व वाणी हिंदी संस्थान जबलपुर द्वारा डॉ दिनेश खरे स्मृति हिंदी भूषण सम्मान, पं.जवाहरलाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी जयपुर द्वारा बाल कहानी संग्रह "दादी घर चलो" पर स्वतंत्रता सेनानी ओंकार लाल शास्त्री पुरस्कार ,नारायणी साहित्य अकादमी गाजियाबाद एवं श्री हिंदी पुस्तकालय समिति डीग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में ,सहनाणी एकांकी के लिए
साहित्य केतु सम्मान एवं श्री मूलचंद पाराशर एकांकी पुरस्कार तथा कादंबरी साहित्य संस्थान जबलपुर द्वारा समग्र लेखन के लिए स्व.श्रीमती आशा देवी दुवे स्मृति सम्मान जैसे प्रमुख सम्मानों के साथ - साथ देश की विभिन्न संस्थाओं द्वारा एक सौ से अधिक पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
रश्मि वैभव गर्ग, कोटा :
रश्मि वैभव गर्ग का जन्म सबलगढ़ मध्य प्रदेश
पिता मातादीन बंसल के परिवार में 19 अगस्त 1975 को हुआ। अपने एम. एससी. ( रसायन शास्त्र), एमए ( अंग्रेज़ी साहित्य) एवं पीएच.डी, की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी एवं अंग्रेजी भाषाओं की ज्ञाता विगत चार वर्षों से गद्य एवं पद्य विधाओं में कहानी और कविताएं लिख रही है। अंतर रश्मियाँ (2024 जनवरी), ,प्रतिबिंब (2024 जनवरी) एवं मन की पगडंडियों पर (2025, साहित्य अकादेमी से ) आपकी प्रकाशित कृतियां हैं। विभिन्न पत्र पत्रिकाओं के साथ 5 साझा संकलनों में आपकी रचनाएं प्रकाशित हुई हैं। आपको गोपालराम गहमरी कहानी प्रतियोगिता , प्रतिलिपि कहानी प्रतियोगिता, ,गृहलक्ष्मी कहानी प्रतियोगिता एवं काव्यकुमुद कहानी प्रतियोगिता में पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
संपर्क : 15- A तलवंडी , कोटा ( राज.)
मो.-8209423038 /9414452830
सलीम "स्वतंत्र" कोटा :
बाल साहित्यकार के रूप में पहचान बनाने वाले सलीम ' स्वतंत्र' का जन्म राजस्थान के हिंडौन सिटी में पिता शमसुद्दीन के परिवार में 23 जून 1967 को हुआ। अपने कला स्नातक कर डिप्लोमा इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त की। आपको हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू भाषाओं का जान है तथा हिंदी कविता, हिंदी -उर्दू गज़लें एवं बाल साहित्य की रचनाएं लिखते हैं। आपकी पांच पुस्तकें काव्यपथ :हिंदी कविताएं एवं गज़लें (2022), सबसे अच्छी अपनी रेल - बाल कविताएं, (2024), देश हमारा सबसे प्यारा - बाल कविताएं.(2025), काव्यसुधा - हिंदी कविताएं एवं गज़लें( 2025) तथा फूलों की मुस्कान ये बच्चे - बाल कविताएं ( 2026) प्रकाशित हैं। आपको एक दर्जन से अधिक मण्डल रेल प्रबंधक पुरस्कार,कर्मयोगी साहित्य सेवा संस्थान द्वारा "शान - ए - रेल सम्मान", क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान भुसावल द्वारा हिंदी साहित्य सेवा पुरस्कार, क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर द्वारा बेस्ट कविता पुरस्कार ,समरस साहित्य सृजन भारत द्वारा "समरस श्री काव्य शिरोमणि सम्मान",श्री वीरेंद्र सिंह विद्यार्थी हिंदी साहित्य सम्मान,कवि चौपाल कोटा द्वारा ई -स्वाधीनता सम्मान, मधुकर काव्य सृजन संस्थान कोटा द्वारा हिंदी साहित्य सम्मान,रेल वर्कशॉप पश्चिम मध्य रेल द्वारा साहित्य सेवा सम्मान ,रेलवे एम्प्लॉयज यूनियन कोटा - पमरे. द्वारा "साहित्य भूषण सम्मान" ,बाल साहित्य संवर्धन संस्थान कानपुर उत्तरप्रदेश द्वारा अविरल वाजपेयी बाल साहित्य सम्मान,साहित्य मण्डल श्रीनाथद्वारा द्वारा "बाल काव्य श्री सम्मान,अखिल भारतीय बाल साहित्य सृजन संस्थान सिरसा हरियाणा द्वारा श्रेष्ठ बाल रचनाकार सम्मान, पश्चिम मध्य रेल राजभाषा विभाग द्वारा मण्डल राजभाषा पुरस्कार तथा विभिन्न साहित्य संस्थान, लॉयन्स क्लब, रोटरी क्लब, इनर व्हील क्लब, लेडीज क्लब द्वारा समसामयिक लेखन सम्मान प्राप्त हुए। संपर्क : 11, कृष्णा नगर, सुन्दर नगर विस्तार, रंगतालाब कोटा( राज)
मो. 9001015278/ 9413276976
देवकी दर्पण, रोटेदा:
देवकी नन्दन शर्मा साहित्यिक नाम देवकी दर्पण का जन्म पिता स्व गजानन्द शर्मा एवं माता स्व रामनाथी बाई के परिवार में 7 जुलाई 1976 को रोटेदा तह. के.पाटन जिला बून्दी में हुआ। आपने बी ए तक शिक्षा प्राप्त की तथा एम ए राजस्थानी मे अध्यनरत हैं। हिंदी और राजस्थानी भाषाओं पर समान अधिकार है और दोनों भाषाओं में लिखती हैं। कवि सम्मेलन के माध्यम से साहित्य से जुड़े और गद्य में संस्मरण, रेखा चित्र, कहानी, लघु कथा, यात्रा वृतांत, लेख, आलेख, ललित निबंध तथा पद्य में-कविता, गीत नवगीत हाइकू, दोहा, छन्द, गजल ,क्षणिका ,मुक्तक आदि लिखते हैं। देश की पत्र पत्रिकाओं में तथा साझा संकलनों में रचनाएं प्रकाशित एवं दूरदर्शन केन्द्र जयपुर, आकाशवाणी केंद्र और विभिन्न चैनल्स पर रचनाएं प्रसारित होती हैं।
आपकी 11 प्रकाशित पुस्तकों में अमरत को धोरो राजस्थानी काव्य (2006), मेघ माल हिन्दी काव्य ( 2007 ), कांकरी घून्दता पग राजस्थानी यात्रा वृतांत ( 2013), अध्यात्म दर्शन भजन संग्रह ( 2015 ) , क्है चकवां सुण चकवी राजस्थानी लोक कथा ( 2017) , खोल पखेरू पांख राजस्थानी बाल गजल संग्रह ( 2022 ), जाण जातरी जाण राजस्थानी यात्रा वृतांत ( 2022), धजा का धणी(राजस्थानी बाल काव्य 2023) जामण जाई राजस्थानी महाकाव्य ( 2023 ), जाण्यां बीण्यां आखर राजस्थानी बाल काव्य (2024) एवं जानिये अक्षर-वर्ण हिन्दी बाल काव्य ( 2024) शामिल हैं। इनकी हिन्दी और राजस्थानी की लगभग पन्द्रह पुस्तकें प्रकाशनाधीन हैं। आपको अनेक पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए हैं। राष्ट्रीय युवा रचनाकार सम्मान 2006 , डा.अम्बेडर फेलोशिप 2007, ब्रज गौरव सम्मान 2007 , साहित्य भूषण 2008, काव्य कदंब की मानद उपाधि सम्मान 2009,,दुष्यन्त साहित्य सम्मान, समरस श्री काव्य शिरोमणि सम्मान 2023, श्री नानूराम चोधरी स्मृति राजस्थानी जातरा वृतांत पुरस्कार 2023 डेह नागौर। साहित्य श्री सम्मान 2024 श्री भारतेंदु समीति कोटा, एवं बाल साहित्य की मानद उपाधि साहित्य मण्डल श्री नाथद्वारा प्रमुख सम्मान है। आप अखिल भारतीय एवं राजस्थानी कवि सम्मेलनो में 2000 से कविता पाठ कर रहे हैं। लेखन, स्वाध्याय, संगीत, अभिनय, वाद्यवादन आदि अभिरुचियों है। संपर्क :काव्य कुंज रोटेदा तह. के.पाटन जिला बून्दी( राज.)
हेमराज बंसल, बारां :
हेमराज बंसल का जन्म पिता स्व.घनश्याम बंसल एवं माता स्व.सूरजदेवी के परिवार में 6 जून, 1957 को बारां में हुआ। आपने बी. काम. एलएल बी की शिक्षा प्राप्त की। आपको हिंदी, अंग्रेजी और हाड़ौती भाषाओं का ज्ञान है। आप गद्य - पद्य विधाओं में यात्रा वृतांत, कविता, गीत, कहानियां आलेख आदि लिखते हैं। हिंदी भाषा में आपकी चार पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। आतंकवाद को चुनौती,
अमरनाथ यात्रा (2006), मौत से चुहल कहानी संग्रह (2006), मेरी कावड़ यात्रा (2010), विकट यात्रा, कैलाश मानसरोवर (2017) बंसलसाहित्य. कॉम नाम से आपकी अपनी वेब साइट भी है। आपको श्री भारतेंदु समिति कोटा द्वारा साहित्य श्री सम्मान, कर्मयोगी सेवा संस्थान कोटा द्वारा शान ए राजस्थान , अग्रवाल समाज बारां द्वारा अग्र गौरव सम्मान, अखिल भारतीय साहित्य परिषद् बारां द्वारा शब्द सम्मान एवं रतनलाल व्यास स्मृति साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया है।
संपर्क : शास्त्री मार्केट, राजपुरा वार्ड बारां, (राज) मो 9414191003
महेश पंचोली कवि, कोटा :
महेश पंचोली का जन्म पिता स्व.श्री हरिदत्त पंचोली व्याख्याता एवं माता माता:स्व.लीला देवी के परिवार में 24 अगस्त 1968 को बूंदी जिले के कापरेन में हुआ। आपने बी.एससी.तक शिक्षा प्राप्त की। आप हिंदी एवं राजस्थानी भाषा में गद्य एवं पद्य विधा में रचनाएं लिखते हैं। आपकी 5 कृतियां प्रकाशित हो चुकी है एवं 3 लेखन प्रक्रिया में है। प्रकाशित कृतियों में दिया जलता रहा(हिंदी काव्य संग्रह)राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर के प्रकाशन सहयोग से (2023) धरती लागै बणी ठणी(राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी बीकानेर के प्रकाशन सहयोग से (2023), मम्मी का मैं राज दुलारा(बाल कविता संग्रह)पंडित जवाहर लाल नेहरु बाल साहित्य अकादमी जयपुर द्वारा (2023),मेरा उपवन हिंदी बाल कविता संग्रह (2024), म्हारा देस को तिरंगो (राजस्थानी बाल कविता संग्रह ( 2024) शामिल हैं। प्रक्रियाधीन कृतियों में मुक्तक संग्रह,कहानी संग्रह, हमारा चिड़ियाघर बाल कविता संग्रह हैं। एक दर्जन से अधिक साझा संकलनों में रचनाएं प्रकाशित हो चुकी हैं। आपकी साहित्यिक सेवा के लिए
बाल साहित्य भूषण सम्मान साहित्य मंडल नाथद्वारा,साहित्य श्री सम्मान अखिल भारतीय साहित्य परिषद कोटा,अक्षर अभिनन्दन सम्मान,लेखन सम्मान पंडित जवाहर लाल नेहरु साहित्य अकादमी,साहित्य सृजन सम्मान काव्य कलश संस्था,साहित्य कला सम्मान सृजन ओ तखलीक संस्था,साहित्य भूषण सम्मान हिंदी साहित्य समिति,हिंदी साहित्य भारती सम्मान,श्री आर.के.पुरम परमार्थ सेवा समिति द्वारा,कविता लेखन वन्य जीव सप्ताह सम्मान,शान ए हाडोती सम्मान श्री कर्मयोगी सेवा संस्थान,जजमेन्ट सम्मान केरियर पाइन्ट युनिवर्सिटी,सफल संचालन सम्मान,श्रावणी तीज मेला सम्मान,समरस श्री काव्य शिरोमणि सम्मान,हिंदी सेवी सम्मान राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय,कलम शिरोमणि साहित्य सम्मान राष्ट्रीय कवि चौपाल अन्तर्राष्ट्रीय महिला काव्य मंच,चम्बल साहित्य संगम ,बाल प्रभा मानद उपाधि साहित्य मण्ड़ल नाथद्वारा,सांस्कृति साहित्य मिडिया फोरम कोटा आदि कई संस्थाओं से सम्मानित किया जा चुका है। संपर्क : 67 न्यू कमला उद्यान, कुन्हाडी कोटा (राज) मो.9799366675.
पल्लवी दरक न्याति , कोटा :
श्रीमती पल्लवी दरक न्याति का जन्म मध्यप्रदेश में नीमच जिले के मनासा नामक स्थान पर पिता हरिश्चंद्र और माता तारामती दरक के परिवार में हुआ।आपने कॉमर्स में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त कर कंप्यूटर में ग्रेजुएशन किया है। विवाह के पश्चात आप कोटा बस गई। आप की रचनाएं कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठित पत्र -पत्रिकाओं में और साझा संकलनों प्रकाशित होती हैं। ये हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मावली और हाड़ौती भाषा का ज्ञान रखते हुए गद्य और पद्य विधाओं में भजन, कविता, ग़ज़ल,दोहे, मुक्तक,कहानी,लेख और निबंध लिखती हैं। अध्यात्म भाव से प्रेरित करीब एक सौ से ज्यादा भजनों की रचना कर चुकी हैं और एक अच्छी भजन गायिका भी हैं। इनका पल्लवी नमक यूट्यूब चैनल भी विगत 4 वर्षों से चल रहा हैं जिस पर इनकी रचनाओं के छ दर्जन से ज्यादा वीडियो देखे जा सकते हैं। इनकी प्रकाशित कृतियों में मेरी भजन माला (आध्यात्मिक), इंद्रधनुष (बाल काव्य संग्रह) नमक मीठा-चीनी खारी (काव्य संग्रह) एवं सागर सीप (आलेख संग्रह) प्रमुख हैं। आपको कोटा की भारतेंदु समिति द्वारा साहित्य श्री सम्मान ,अखिल भारतीय माहेश्वरी समाज द्वारा सर्वश्रेष्ठ रचनाकार सम्मान समरस संस्थान एवं अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला मंडल द्वारा सम्मानित किया गया है। लेखन, पठन,अध्यापन, नृत्य और गायन आपकी अभिरुचियां हैं। ( संपर्क : रघुकुल, 1-ग-24 ,आदर्श नगर दादाबाड़ी ,कोटा ( राज,) मो. 75978 35071
पीयूष पाचक(मेहता) , बूंदी :
हास्य व्यंग्य विधा में पारंगत पीयूष पाचक(मेहता) का जन्म पिता स्व, गिरीश दत्त मेहता के परिवार में 30 अक्टूबर 1969 को बूंदी में हुआ। आपने बी. एससी. पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की। हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, हाडौती भाषाओं के ज्ञाता है। आप हास्य व्यंग्य के साथ फीचर लिखने में माहिर है। देश की सभी प्रतिष्ठित पत्र - पत्रिकाओं में आपकी रचनाएं प्रकाशित होती है। आप प्रसिद्ध पत्रकार और फोटोग्राफर भी हैं तथा विगत 40 वर्षों से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर सक्रिय है। आपको विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित और पुरस्कृत किए जाने की लंबी श्रृंखला है। मुख्य रूप से बंदी जिला प्रशासन दो बार ,
ज़ी न्यूज, फर्स्ट इंडिया न्यूज़, पुरस्कार के साथ - साथ बूंदी गौरव ,हाडोती गौरव एवं राजस्थान गौरव अलंकरण से विभूषित किया जा चुका है। संपर्क :हवेली गुलाब राम जी मेहता, बालचंद पाड़ा, बूंदी (राज) मो. 9829176202
कवि शैलेंद्र जैन गुनगुना, झालावाड़ :
कवि शैलेंद्र जैन गुनगुना का जन्म पिता दुलीचंद जैन के परिवार में 5 जुलाई 1974 को
झालावाड़ जिले की पिडावा तहसील के गांव पिड़ावा में हुआ। पिता की नौकरी के साथ ही झालावाड़ आगे और पढ़ाई के साथ-साथ यह सामाजिक कार्य और साहित्य में अपनी पहचान बनाई। अपने स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की। आप प्रमुख विधा कविताएं लेखन हैं। और देश के अनेक साहित्यिक मंचों पर कविता पाठ कर चुके हैं। देश के कई प्रतिष्ठित पत्र -पत्रिकाओं तथा अनेक साझा संकलनों में आपकी रचनाएं प्रकाशित होती हैं। आपको
देश भर के विभिन्न साहित्यिक मंचों द्वारा अभी तक श्रैठ रचना के लिए पांच सों से ज्यादा पोस्ट दिन की श्रेष्ठ रचना का पोस्ट ऑफ द डे के सम्मान मिल चुके हैं। अभ्युदय पब्लिकेशन भोपाल द्वारा अभ्युदय लेखक सम्मान एवं नव उदय पब्लिकेशन ग्वालियर द्वारा नव उदित साहित्यकार सम्मान से भी आप सम्मानित हो चुके हैं। भारतीय त्यौहार राष्ट्रीय बाल कहानी प्रतियोगिता में भाग लेने पर साहित्य मंडल श्रीनाथद्वारा में प्रोत्साहन स्वरूप बाल प्रभा की मानद उपाधि से विभूषित किया गया। आप निरंतर काव्य सृजन में सक्रिय हैं।
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