कोटा । मानवाधिकार अधिवक्ता एडवोकेट अन्सार इन्दौरी ने कोटा के प्रसिद्ध मज़दूर नेता संजीव शंकर झा पर हुए कातिलाना हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस घटना को मज़दूर आंदोलन के खिलाफ सुनियोजित साजिश करार देते हुए उन्होंने प्रशासन से हमलावरों की तत्काल पहचान कर गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
एडवोकेट इन्दौरी ने जारी प्रेस बयान में बताया कि संजीव शंकर झा लंबे समय से मज़दूर हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत हैं। हाल ही में केन्द्रीय लेबर कमिश्नर कार्यालय, कोटा में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखाओं में ठेके पर कार्यरत सुरक्षा कर्मियों के फेडरेशन द्वारा अखिल भारतीय ठेकेदार कंपनी CISS के खिलाफ वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाओं में हुए भ्रष्टाचार एवं घोटाले के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की सुनवाई 07 अप्रैल को देर शाम 7 बजे तक चली, जिसमें झा सक्रिय रूप से शामिल थे। सुनवाई समाप्ति के बाद तलवंडी इलाके से लौटते समय नकाबपोश हमलावरों ने उन पर जानलेवा हमला बोल दिया। हमलावरों ने झा को गंभीर चोटें पहुंचाईं, जिसके कारण वे गिर पड़े।
घायल संजीव शंकर झा को तुरंत चांदनी ऑर्थोपेडिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को गंभीर बताते हुए इलाज जारी रखा है। अस्पताल पहुंचने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में उनके मित्र, परिवारजन, SBI बैंक के सुरक्षा कर्मी, मज़दूर संगठनों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग सांत्वना देने और न्याय की मांग करने पहुंचे।
एडवोकेट अन्सार इन्दौरी ने कहा यह हमला न केवल संजीव शंकर झा पर, बल्कि पूरे मज़दूर आंदोलन और भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष पर है। ठेकेदार कंपनियों के हितों को चुनौती देने वाले योद्धाओं को चुप कराने की यह साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील कि है कि
हमलावरों की सीसीटीवी फुटेज, गवाहों और अन्य साक्ष्यों से तत्काल पहचान कर गिरफ्तार किया जाय। साथ ही झा को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने मांग की है कि भ्रष्टाचार के मूल मामले की निष्पक्ष जांच तेज की जाए।
एडवोकेट इन्दौरी ने अन्य सामाजिक संगठनों, लोकतांत्रिक मंचों, लेखक मंडलियों, पत्रकार संगठनों, ट्रेड यूनियनों तथा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं से इस भ्रष्टाचार विरोधी योद्धा के साथ एकजुटता दिखाने और न्याय सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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