कोटा हजयात्रियों की पहली उड़ान 20 अप्रेल को जयपुर से होगी जिसमें कोटा के एडवोकेट अख्तर खान अकेला और उनका परिवार हज यात्रा पर रवाना होंगे । हज यात्रा पर रवाना होने से पूर्व उज्जैन के जज़्बा सोशल फाउंडेशन एवं  गांधीनगर के समरस संस्सान साहित्य सृजन भारत की ओर से अख्तर खान अकेला का स्वागत करते हुए उनके परिवार सहित सभी हज यात्रियों को मुबारकबाद देते हुए
देश की खुशहाली, तरक़्क़ी , एकता , अखंडता और सद्भाव के लिए सभी हज यात्रियों से दुआएं मांगने की अपील की है ।
** समरस संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी डॉ. प्रभात कुमार सिंघल , उज्जैन की समाजसेवी संस्था , जज़्बा सोशल  फाउंडेशन के इंजीनियर सरफ़राज़ कुरैशी और उनकी टीम ने सभी को मुबारकबाद देते हुए यात्रा की सफलता की कामना की।
** कोटा से इस बार एडवोकेट अख्तर खान अकेला , उनकी पत्नी श्रीमती रिज़वाना अख्तर लेकचरर , बिटिया सदफ अख्तर , मेडिको लीगल इमरान खान , मज़हर जहां , विख्यात शायर चाँद शेरी , डॉ. परवेज़, डॉक्टर इमरान,  अब्दुल हलीम आयना , कलाम खान , पेंशनर समाज के प्रदेश अध्यक्ष मन्नान खान , अफ़ज़ल अंसारी , सहित कई अन्य लोग हज यात्रा पर जा रहे हैं । एडवोकेट अख्तर खान अकेला की पहली फ्लाइट 20 अप्रेल की होने वे 19 अप्रैल को परिवार सहित जयपुर के लिए रवाना होंगे।
** कोटा जिला हज कमेटी प्रबंधन समिति के चेयरमेन सूफी ज़हीर ने बताया कि , राजस्थान से इस बार साढ़े तीन हज़ार से ज़्यादा हज यात्री , मक्के , मदीना जाएंगे । कोटा से इस पवित्र  यात्रा पर तीन सौ से भी ज़्यादा हज यात्री जा रहे हैं । राजस्थान के हाजियों की पहली फ्लाइट जयपुर सांगानेर एयरपोर्ट से 20 अप्रेल शाम साढ़े आठ बजे मदीने के लिए रवाना होगी । 
** सूफी ज़हीर ने बताया कि कोटा में हज यात्रियों की सुविधा के लिए टीकाकरण शिविर , चिकित्सा जांच और प्रशिक्षण शिविर राजस्थान सरकार के सहयोग से पहले ही सम्पन्न किया चूका है । उन्होंने कहा की किसी भी हज यात्री को किसी तरह का कोई कन्फ्यूज़न हो तो वह पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं । हज यात्रा में जाने वालों के लिए इस बार कुछ नियमों में बदलाव हुआ है । महिला और पुरुष को अलग-अलग कमरों में ठहरया जाएंगा जबकि इस बार मक्के और मदीने में  सुरक्षा की दृष्टि से कोई भी यात्री खुद का खाना नहीं बना सकेगा हज यात्रियों को खुद अपने स्तर पर ही , इंडियन वेंडर्स या फिर होटलों पर ही अपना खाने नाश्ते का इंतजाम करना होगा । एक हज यात्री अपने साथ दो अलग - अलग सूट केस में बीस - बीस किलो से ज़्यादा वज़न नहीं ले जा सकेगा । सात आठ किलो वज़न प्लेन में लेकर बैठने वाले बेग में रखा जा सकेगा ।

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