के डी अब्बासी 

कोटा। सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट अख़्तर खान अकेला ने कोटा मेडिकल कॉलेज में प्रसूताओं की मौतों को लेकर स्थानीय सियासत और मेडिकल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में जिला कलेक्टर, राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार के चिकित्सा विभाग को नियमों की अनदेखी व अव्यवस्थाओं को लेकर नोटिस देकर चेताया गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

अख्तर खान ने चिकित्सकों के निलंबन का विरोध करते हुए कहा कि जिम्मेदारी केवल डॉक्टरों की नहीं बल्कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था की भी तय होनी चाहिए। उन्होंने आईएमए से निष्पक्ष जांच, कमियों को उजागर करने और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए ठोस सुझाव देने की मांग की। साथ ही मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा मापदंडों, दवा-सप्लाई, टेंडर और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की व्यापक जांच कराने की मांग उठाई।

 

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