Mohanlal Sukhadia University में शिक्षा के भविष्य पर संवाद: Kuldeep Ranka ने शैक्षणिक नेतृत्व से की चर्चा
उदयपुर: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव Kuldeep Ranka ने Mohanlal Sukhadia University के डीन्स, डायरेक्टर्स एवं विभागाध्यक्षों के साथ एक दूरदर्शी संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने तेजी से बदलते शिक्षा परिदृश्य और वैश्विक मानकों के अनुरूप स्वयं को ढालने की आवश्यकता पर बल दिया।
रांका ने कहा कि पिछले दो दशकों में पारंपरिक शिक्षा से कौशल-आधारित शिक्षा की ओर बड़ा बदलाव आया है। वैश्वीकरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के बीच अब कौशल ही नई पूंजी बन चुका है। उन्होंने संस्थानों से ऐसी पीढ़ी तैयार करने का आह्वान किया जो केवल रोजगार पाने वाली नहीं, बल्कि अवसरों का सृजन करने में सक्षम हो।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए उन्होंने सिल्वर इकोनॉमी, केयर इकोनॉमी और डिजिटल इकोनॉमी जैसे उभरते क्षेत्रों को भविष्य की वृद्धि के प्रमुख स्तंभ बताया। साथ ही, विश्वविद्यालय में RUSA के तहत चल रही पहलों की सराहना करते हुए उन्हें गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
रांका ने अनुभवात्मक शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि फील्ड विजिट, इंटर्नशिप और व्यावहारिक अनुभवों को औपचारिक रूप से क्रेडिट से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि छात्रों को कक्षा से बाहर भी वास्तविक ज्ञान प्राप्त हो सके। उन्होंने शैक्षणिक तंत्र को मजबूत करने के लिए फैकल्टी भर्ती और करियर उन्नयन प्रक्रियाओं में तेजी लाने की आवश्यकता भी जताई।
कुलपति का दूरदर्शी दृष्टिकोण
कुलपति प्रो. B. P. Saraswat ने संवाद में एक संतुलित और दूरदर्शी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने संस्थागत स्थिरता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन सुरक्षा को संस्था की जिम्मेदारी और विश्वसनीयता का प्रतीक बताया। अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार की प्रतिबद्धता और कार्यक्षमता की सराहना की।
उन्होंने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की वास्तविक शक्ति केवल आधारभूत संरचना या नीतियों में नहीं, बल्कि उसके शिक्षक, कर्मचारी और छात्र—इन सभी के सामूहिक प्रयास और समर्पण में निहित होती है।
इस संवाद में संकाय सदस्यों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और अपने सुझाव व समस्याएं साझा कीं, जिससे विचारों का सकारात्मक आदान-प्रदान हुआ। इससे पूर्व रांका ने उदयपुर संभाग के राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ भी बैठक कर समय पर प्रवेश प्रक्रिया और सत्र संचालन के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
यह संवाद नवाचार, समावेशिता और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप उच्च शिक्षा को पुनर्परिभाषित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इससे पहले विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति, प्रशासनिक ढांचे और विभिन्न पहलों पर एक विस्तृत प्रस्तुति Avinash Panwar (पूर्व निदेशक, कंप्यूटर सेंटर) द्वारा दी गई, जिसने पूरे संवाद की दिशा निर्धारित की। इस प्रस्तुति की स्पष्टता और गहराई की सराहना करते हुए Kuldeep Ranka ने कहा कि इससे विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ सार्थक चर्चा का मजबूत आधार तैयार हुआ।
संवाद के समापन पर विश्वविद्यालय परिसर में एक नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच का संचार महसूस किया गया। Mohanlal Sukhadia University अब एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां परंपरा और नवाचार का संतुलन इसे नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। नेतृत्व की स्पष्ट दिशा और शैक्षणिक समुदाय की सक्रिय भागीदारी के साथ, विश्वविद्यालय न केवल बदलते समय के साथ कदम मिलाने के लिए तैयार है, बल्कि भविष्य की शिक्षा व्यवस्था को दिशा देने की क्षमता भी रखता है।
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