उदयपुर। अशोका पैलेस में जय हनुमान रामचरित मानस प्रचार समिति ट्रस्ट, बीइंग मानव सेवा संस्थान एवं मेवाड़ ज्योतिष के संयुक्त तत्वावधान में 5वें नि:शुल्क वैदिक ज्योतिष परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में परामर्श पाने के लिए शहरवासियों एवं श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने अपनी समस्याओं के समाधान हेतु ज्योतिषीय परामर्श प्राप्त किया।
संस्थापक पं. सत्यनारायण चौबीसा में बताया कि वर्तमान में ग्रहों के हो रहे परिवर्तन और गोचर स्थिति के कारण आम जनजीवन में मानसिक तनाव, वैवाहिक अड़चनों और व्यावसायिक उतार-चढ़ाव जैसी स्थितियाँ देखी जा रही हैं। इन्हीं समस्याओं के सटीक व वैदिक निदान के लिए उदयपुर के विख्यात ज्योतिषाचार्यों ने शिविर में एक ही मंच पर आकर निःशुल्क सेवाएं दीं।
ग्रह गोचर एवं वर्तमान ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर विशेषज्ञों ने वर्तमान ग्रह स्थितियों, गोचर तथा कुंडली के सूक्ष्म विश्लेषण के आधार पर परामर्श दिया।
मुकेश माधवानी ने बताया कि कई कुण्डलियाँ वैवाहिक जीवन से जुड़ी थी कुंडली एवम एनर्जी रीडर डॉ. कुंजन आचार्य ने कहा कि समाज को भ्रांतियों से दूर रखकर ज्योतिष का ध्येय प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक पक्ष से लाभान्वित करना है। उन्होंने वर्तमान में गुरु और शनि के गोचर प्रभाव का विश्लेषण करते हुए विवाह में आ रही देरी, दांपत्य कलह और योग-दोष (जैसे मांगलिक दोष या नाड़ी दोष) पर विशेष मार्गदर्शन दिया। पं. सुरेश त्रिपाठी ने कुंडलियों के फलित के आधार पर सरल एवं अचूक वैदिक उपाय बताए।
जिन लोगों की कुण्डलियाँ मौजूद नहीं थे उन्हें हस्ताक्षर विज्ञान से भविष्यफल बताये गए।
ईश्वर जैन 'कौस्तुभ' ने हस्ताक्षर विज्ञान जैसे अनूठे और अद्भुत विषय के माध्यम से लोगों के हस्ताक्षरों का सूक्ष्म विश्लेषण किया। उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति के हस्ताक्षर में ग्रह स्थिति और व्यक्तित्व का सीधा प्रभाव दिखता है, जिसके संशोधन से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सफलता का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
ग्रहों के गोचर एवं दशा-महादशा का विश्लेषण करते हुए वैदिक ज्योतिष की पारंपरिक विधा के माध्यम से डॉ. मंजू शर्मा, पं. प्रकाश चंद्र परसाई, चंद्रलेखा शर्मा, डॉ. प्रवीण माथुर एवं धीरज शिवदत्त आमेटा ने आगंतुकों की जन्मपत्री का गहन अध्ययन किया। उन्होंने वर्तमान में चल रही विभिन्न ग्रहों की महादशा, अंतरदशा तथा राहु-केतु व शनि के गोचर जनित प्रभावों का आकलन कर करियर, स्वास्थ्य एवं आर्थिक समृद्धि हेतु वैदिक समाधान सुझाए।
हस्तरेखा विशेषज्ञ शंकरलाल साहू ने श्रद्धालुओं की करतल रेखाओं (हस्तरेखाओं), पर्वत स्थितियों और अंगुलियों के चिह्नों का अध्ययन कर भूत, वर्तमान और भविष्य की स्थितियों पर प्रकाश डाला।
योगिता पंवार ने टैरो कार्ड्स के माध्यम से त्वरित प्रश्नों एवं दुविधाओं में फंसे लोगों को अंतर्ज्ञान आधारित मार्गदर्शन और परामर्श प्रदान किया।
ओम मोटवानी, डॉ. चंद्रकांता कुमावत एवं डॉ. महेंद्र सेन ने भी अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं और आगंतुकों का मार्गदर्शन किया।
इससे पहले आयोजित उद्धाटन एवम विचार सत्र में मुख्य अतिथि राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत, विशिष्ठ अतिथि डा भगवती शंकर व्यास, निर्मल कुमार पंडित और डा कुंजन आचार्य थे। अध्यक्षता मुकेश माधवानी ने की। संचालन सुरेश त्रिपाठी ने किया।
संस्थापक पं. सत्यनारायण चौबीसा ने सभी अतिथियों एवं विद्वान ज्योतिषाचार्यों का मेवाड़ी पगड़ी एवं उपर्णा ओढ़ाकर सम्मान किया।
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नि:शुल्क ज्योतिष शिविर में उमड़ी भीड़
ज्योतिष की विभिन्न विधाओं के माध्यम से हुआ विवाह, रिलेशनशिप और स्वास्थ्य का विश्लेषण, सैंकड़ों लोगों ने पाया परामर्श
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