उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) के कुलपति डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ ने राजस्थान कृषि महाविद्यालय के अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने अखिल भारतीय बीज उन्नयन परियोजना के अंतर्गत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा गठित निरीक्षण दल के  साथ विचार-विमर्श किया।

कुलपति ने विभागाध्यक्ष एवं सह निदेशक (बीज एवं फार्म  डॉ. हेमलता शर्मा के साथ चर्चा करते हुए बीज उत्पादन से संबंधित समस्त गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विश्वविद्यालय में उन्नत बीज उत्पादन की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा करते हुए बीज उत्पादन क्षेत्र के विस्तार एवं उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन को विश्वविद्यालय की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा बीज उत्पादन के प्रत्येक चरण—जैसे स्रोत बीज की उपलब्धता, फसल की नियमित निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रसंस्करण, भंडारण एवं वितरण—को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को समय पर शुद्ध एवं गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराया जा सके तथा उनकी आय में वृद्धि हो सके।

कुलपति महोदय ने कहा कि मक्का दक्षिण राजस्थान की प्रमुख फसल है, अतः इसके उत्पादन को अधिकतम स्तर तक बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने जायद ऋतु में सोयाबीन की खेती की संभावनाओं पर भी चर्चा की।

इस अवसर पर विभाग के संकाय सदस्यों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। कुलपति महोदय ने विभाग के संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों से वार्तालाप किया। विभागाध्यक्ष ने कुलपति महोदय, निरीक्षण दल के सभी सदस्यों तथा विभाग के संकाय सदस्यों का विभाग की ओर से आभार व्यक्त किया।

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