उदयपुर। भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद्, नई दिल्ली द्वारा महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविध्यालय, उदयपुर में संचालित कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र में श्रम विज्ञान एवं सुरक्षा पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के तहत पंचायत समिति फलासिया के डैया ग्राम पंचायत में एक दिवसीय प्रशिक्षण एव यंत्र वितरण कार्यक्रम संपन्न  हुआ जिसमें परियोजना प्रभारी प्रोफेसर सांवल सिंह मीणा ने कृषि में यंत्रीकरण से समय व लागत को कम करने के साथ साथ कृषि यंत्रीकरण से आमदनी बढाने के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए डैया के आसपास के गावों के अनुसूचित जाति (एससी एसपी) के 50 महिला एवं पुरुष किसानों को परियोजना के तहत प्रताप व्हील हो एवं मास्क वितरित किये गए । पादप रोग विज्ञान विभाग के प्रोफेसर नारायण लाल मीणा ने मशरूम उत्पादन के साथ साथ यंत्रीकरण द्वारा फसलों को कीट एवं रोगों से बचाव एवं प्रबंधन के बारे में बताते हुए कहा कि छोटे यंत्रों की सहायता से प्राकृतिक खेती को रोगमुक्त रखा जा सकता है । श्रीमती रेखा धाकड़ ने कृषक महिलाओं को खेती के कार्यों के दौरान धूलकणों  से बचाव के लिए मास्क की महत्ता की जानकारी देते हुए बाते की थ्रेशर, साफ़ सफाई एवं पशुओ को चारा डालते समय मास्क लगे जाये तो कई सारी श्वास संबंधी बीमारियों से दूर रहा जा सकता है । इंजिनियर यस पाठक ने किसानों को तेज धूप  से बचने के लिए उन्नत टोपी के बारे में बताया। कार्यक्रम में यंत्र वितरण में पूजा माली द्वारा सहयोग प्रदान किया गया । यह कार्यक्रम के अंत में डैया ग्राम पंचायत के उप-सरपंच श्री भरत लाल मेघवाल ने सभी किसानों की तरफ से आश्वासन दिया कि  हमारे ये किसान उन्नत तकनीकियो को अपनाकर अन्य किसानों को प्रेरित करेंगे ।

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