उदयपुर । महाराणा प्रताप कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर में आयोजित यूथ रेड क्रॉस ट्रेनिंग कैंप का तीसरा दिन आज 13 मार्च 2026 को बहुत ही उत्साह और ऊर्जा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर मनोज कुमार मेहला जी, डीन, राजस्थान कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, उदयपुर उपस्थित थे।

प्रोफेसर मेहला ने अपने संबोधन में कहा कि रेड क्रॉस एक ऐसा संगठन है जो मानवता की सेवा में हमेशा आगे रहता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे रेड क्रॉस के साथ जुड़ें और समाज सेवा में अपना योगदान दें। उन्होंने कृषि के बारे में भी विस्तार से बताया और कहा कि यह हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस अवसर पर कैंप के निदेशक प्रोफेसर डीएस राणा ने बताया कि रेड क्रॉस के सात मौलिक सिद्धांत हैं - मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वेच्छा, एकता और विश्वव्यापी। उन्होंने कहा कि वे पिछले कई सालों से रेड क्रॉस की सेवा कर रहे हैं और हजारों विद्यार्थियों को फर्स्ट एड की ट्रेनिंग दी है।

प्रोफेसर राणा ने प्रोफेसर मेहला जी का आभार जताया कि उन्होंने अपने महाविद्यालय के प्रांगण में कैंप लगाने का अवसर प्रदान किया और विभिन्न प्रकार की सुविधाएँ अल्प समय में उपलब्ध करवाई। उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के कुलपति महोदय का भी आभार प्रकट किया।

प्रोफेसर राणा ने कहा कि भविष्य में अगर किसी प्रकार का कोई कैंप लगाया जाता है, तो राजस्थान कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर और महाराणा  प्रताप विश्वविद्यालय को अपनी पूरी टीम के साथ आमंत्रित किया जाएगा, ताकि दो राज्यों की टीमें अपने संस्कृति का आदान-प्रदान कर सकें और एक नए आयाम स्थापित कर सकें।

कैंप में बच्चों ने सुबह 6 बजे 9 किलोमीटर की ट्रैकिंग की और फतेह सागर लेक को विजिट किया, जहाँ उन्होंने लोगों को रेड क्रॉस के बारे में अवगत कराया। इसके बाद सिंगिंग कंपटीशन, डांस कंपटीशन और फर्स्ट एड के क्विज कंपटीशन करवाए गए, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा जी ने इस आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि यह आयोजन निश्चित रूप से युवाओं को प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर एक प्रमुख संस्थान है जो कृषि और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्रदान करता है।

इस अवसर पर प्रोफेसर मेहला ने विश्वविद्यालय के इतिहास के बारे में भी बताया और कहा कि यह विश्वविद्यालय 1961 में स्थापित किया गया था और तब से यह कृषि और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक प्रमुख संस्थान के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का मुख्यालय उदयपुर में है और यह राजस्थान के दक्षिणी भाग में स्थित है।

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