उदयपुर। कॉलेज ऑफ डेयरी एंड फूड टेक्नोलॉजी (CDFT), महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MPUAT), उदयपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन समारोह आज आयोजित किया गया। यह शिविर विद्यार्थियों में अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा सामुदायिक सेवा की भावना विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवकों, संकाय सदस्यों तथा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. मनोज महला, छात्र कल्याण अधिकारी, एमपीयूएटी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. लोकेश गुप्ता ने की।

कार्यक्रम की शुरुआत में एनएसएस इकाई, सीडीएफटी के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. कमलेश मीणा ने सात दिवसीय शिविर के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस विशेष शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, टीम भावना तथा सामाजिक सेवा की भावना को प्रोत्साहित करना है। इस अवसर पर शिविर के दौरान आयोजित गतिविधियों का एक वीडियो प्रस्तुतीकरण भी दिखाया गया, जिसमें सात दिनों के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों को प्रदर्शित किया गया। इन गतिविधियों में शारीरिक प्रशिक्षण, योग अभ्यास, परेड, श्रमदान तथा विभिन्न विषयों पर आयोजित विशेष व्याख्यान शामिल थे। शिविर के दौरान मतदान के अधिकार एवं लोकतांत्रिक सहभागिता, डिजिटल साक्षरता, जल संरक्षण तथा मानसिक संतुलन के लिए ‘आर्ट ऑफ माइंड कंट्रोल’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रख्यात वक्ताओं द्वारा व्याख्यान दिए गए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. लोकेश गुप्ता ने एनएसएस स्वयंसेवकों को शिविर की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन सात दिनों में जो अनुभव और सीख विद्यार्थियों ने प्राप्त की है, उसे अपने दैनिक जीवन में भी अपनाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि एनएसएस स्वयंसेवक नियमित रूप से श्रमदान करें तथा प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक घंटा सामाजिक सेवा के लिए समर्पित करें। उन्होंने कहा कि अनुशासित और नवाचारपूर्ण विचारों वाले युवा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं।

मुख्य अतिथि डॉ. मनोज महला ने अपने संबोधन में एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा शिविर के दौरान किए गए अनुशासित एवं समर्पित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी राष्ट्र का भविष्य हैं और एक जिम्मेदार तथा जागरूक समाज के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासित, सामाजिक रूप से सजग तथा अपने नागरिक कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने प्रत्येक छात्र को अपने कॉलेज में अध्ययन अवधि के दौरान कम से कम एक पौधा अपनाकर उसकी देखभाल करने का सुझाव दिया, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।

शिविर की गतिविधियों पर आधारित एक विशेष वीडियो भी विद्यार्थियों वात्सल गांधी एवं जितेन्द्र द्वारा तैयार कर प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने सराहा। इस अवसर पर एनएसएस स्वयंसेवकों में से मिस गुंजन राठौड़, नताशा, धर्मेन्द्र प्रजापत, अश्विनी ढाका, खुशबू चौधरी, आयुष तथा विवेक को विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन आयुष शर्मा एवं गुंजन राठौड़ ने किया। शिविर के सफल आयोजन में वरिष्ठ विद्यार्थियों वात्सल गांधी, कृष्णपाल, प्रवीण सिंह, जितेन्द्र तथा खुशी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें शिविर के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी स्वयंसेवकों, आयोजकों तथा प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया

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