उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर के संघटक कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग (सीटीएई) में एन.सी.सी. निदेशालय, राजस्थान के तत्वावधान में आयोजित प्री वायु सैनिक कैंप-1, ड्रोन प्रशिक्षण शिविर एवं संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (CATC) का सफलतापूर्वक संचालन जारी है। शिविर के द्वितीय दिवस सीटीएई कॉलेज के एवीपी सभागार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उप महानिदेशक एनसीसी राजस्थान निदेशालय एयर कमोडोर एस. के. आनंद, एनसीसी निदेशक राजस्थान कर्नल राघवेन्द्र कुमार तथा शिविर के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर नटराज डागुर ने सहभागिता की।

इस अवसर पर एयर कमोडोर एस. के. आनंद ने कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय कैडेट कोर केवल एक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त माध्यम है। एनसीसी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, समय प्रबंधन, टीम भावना एवं राष्ट्रसेवा के संस्कार विकसित करती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के समक्ष अनेक चुनौतियाँ हैं, जिनका सामना केवल मजबूत चरित्र, सकारात्मक सोच और राष्ट्रीय भावना के बल पर ही किया जा सकता है।

एयर कमोडोर आनंद ने कहा कि भारत विविधताओं का देश है, जहां अनेक धर्म, भाषाएं, संस्कृतियां और परंपराएं विद्यमान हैं, लेकिन इन सबके बावजूद देश की सबसे बड़ी शक्ति इसकी एकता है। उन्होंने कैडेटों से आह्वान किया कि वे जाति, धर्म, क्षेत्र एवं भाषा से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें तथा समाज में सद्भाव, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि भारत की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक का जागरूक और जिम्मेदार होना आवश्यक है।

अपने उद्बोधन में एयर कमोडोर आनंद ने एयर विंग, आर्मी विंग तथा नेवल विंग की कार्यप्रणाली और उनके महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एनसीसी के माध्यम से कैडेटों को सैन्य जीवन की प्रारंभिक जानकारी प्राप्त होती है, जिससे उनमें देश की सशस्त्र सेनाओं में सेवा देने की प्रेरणा उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि एनसीसी का प्रशिक्षण युवाओं को न केवल रक्षा सेवाओं के लिए तैयार करता है, बल्कि उन्हें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफल नागरिक बनने में भी सहायता प्रदान करता है।

कार्यक्रम के दौरान शिविर के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर नटराज डागुर ने शिविर की गतिविधियों एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि सीटीएई कॉलेज परिसर में आयोजित इस संयुक्त प्रशिक्षण शिविर में राजस्थान निदेशालय के विभिन्न समूहों से आए लगभग 600 कैडेट भाग ले रहे हैं। शिविर के अंतर्गत प्री वायु सैनिक कैंप-1, ड्रोन प्रशिक्षण शिविर तथा संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन एक साथ किया जा रहा है, जिससे कैडेटों को विविध प्रकार के प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसी का प्रशिक्षण जीवन में आत्मविश्वास, अनुशासन एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करता है। सीमित संसाधनों में कार्य करना, कठिन परिस्थितियों का सामना करना तथा टीम के साथ मिलकर लक्ष्य प्राप्त करना एनसीसी की प्रमुख विशेषताएं हैं। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट समाज एवं राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं तथा अपने व्यवहार और कार्यशैली से दूसरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।

कार्यक्रम में एनसीसी निदेशक राजस्थान कर्नल राघवेन्द्र कुमार ने भी कैडेटों का उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें शिविर से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण शिविर युवाओं के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं तथा इनके माध्यम से प्राप्त अनुभव जीवनभर उपयोगी सिद्ध होते हैं।

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने शिविर में उपलब्ध कराई गई व्यवस्थाओं की सराहना की तथा कैडेटों के उत्साह, अनुशासन एवं सहभागिता की प्रशंसा की। इस अवसर पर कैंप के समस्त अधिकारी, एयर विंग के कर्मचारी, केयर टेकर ऑफिसर, एएनओ, पीआई स्टाफ एवं बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट उपस्थित रहे।

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