गुवाहाटी। 8 दिसंबर 2025 को गुवाहाटी में विश्व प्रसिद्ध संगीत कलाकार पोस्ट मालोन के अंतरराष्ट्रीय संगीत कार्यक्रम का सफल आयोजन असम की सांस्कृतिक और विकासात्मक यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि सिद्ध हुआ। असम पर्यटन विकास निगम द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक संगीत आयोजन नहीं था, बल्कि यह असम के बढ़ते आत्मविश्वास और वैश्विक सांस्कृतिक मंच पर उसके उभरते स्वरूप का सशक्त प्रतिबिंब था
हजारों संगीत प्रेमियों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुअ, जिससे असम में बीते एक दशक के दौरान हुए व्यापक परिवर्तन स्पष्ट रूप से सामने आए। 1990 के दशक में जहां अस्थिरता और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के कारण सार्वजनिक जीवन और बड़े आयोजनों पर सीमाएं थीं, वहीं आज असम उस दौर से आगे निकलकर ऐसे वातावरण का निर्माण कर चुका है, जहां इस स्तर के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम सुरक्षित और सफलतापूर्वक आयोजित किए जा सकते हैं।
इस आयोजन का सुचारु और व्यवस्थित संचालन प्रभावी शासन, सूक्ष्म योजना तथा विभिन्न राज्य एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय को दर्शाता है। यह असम की वैश्विक कलाकारों, पर्यटकों और निवेशकों का स्वागत करने की तैयारियों को दर्शाने के साथ-साथ आधुनिक अधोसंरचना और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशासनिक क्षमता को भी उजागर करता है।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के गतिशील नेतृत्व में असम तेजी से अंतरराष्ट्रीय संगीत कार्यक्रमों, सम्मेलनों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का केंद्र बनकर उभर रहा है। राज्य सरकार द्वारा कई वैश्विक स्तर के स्थलों के विकास की महत्वाकांक्षी पहल सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और असम को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से स्थापित करने की दूरदर्शी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मनोरंजन से परे, इस प्रकार के आयोजनों का व्यापक आर्थिक और सामाजिक प्रभाव भी होता है। ये पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, रोजगार के अवसर सृजित करते हैं, स्थानीय व्यवसायों को समर्थन प्रदान करते हैं तथा राज्य की समग्र छवि को सुदृढ़ करते हैं। पोस्ट मालोन के इस कार्यक्रम ने वैश्विक समुदाय को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि असम सुरक्षित, खुला और विश्व से जुड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
भाजपा असम प्रदेश सह-संयोजक, सहकारिता प्रकोष्ठ श्री प्रदीप चंद्र शर्मा ने कहा कि समग्र रूप से देखा जाए तो इस अंतरराष्ट्रीय संगीत कार्यक्रम का सफल आयोजन केवल संगीत का उत्सव नहीं था, बल्कि यह एक नए असम की आत्मविश्वासी घोषणा थी-प्रगतिशील, आकांक्षी और वैश्विक सांस्कृतिक परिदृश्य से दृढ़ता से जुड़ा हुआ।
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